चड्डी-बनियान गिरोह द्वारा रात को इंडीकैश का एटीएम तोडऩे का प्रयास, पुलिस पहुंची वारदात टली

Dec 18 2022

ग्वालियर। एक बार फिर एटीएम को तोडऩे के प्रयास की घटना हुई है, लेकिन समय पर पहुंच की गश्त वहां से गुजरने पर बदमाश कामयाब नहीं हो सके। पुलिस ने एटीएम खुला पड़ा देखा तो जांच पड़ताल कर संबंधित को सूचना दी। घटना हजीरा के यादव धर्मकांटा स्थित इंडीकैश के एटीएम में रविवार तडक़े सुबह 3 से 4 बजे के बीच हुई है।
घटना स्थल के पास ही किसी ने पुलिस को बताया कि उन्होंने एटीएम बूथ में चड्डी-बनियान पहने कुछ लोगों को घुसे देखा था। चड्डी बनियान में बदमाशों का जिक्र होते ही पुलिस को हरकत में आई है। पुलिस ने नाकाबंदी कर शहर और पड़ोसी शहरों की सीमा पर सघनता से चैकिंग की है। चड्डी-बनियान गिरोह काफी खतरनाक होता है। यह 15 से 20 सदस्यों के गुट में वारदात करते हैं और जिससे लूटपाट करते हैं उसे मारते पीटते भी हैं।
हजीरा थाना प्रभारी संतोष सिंह भदौरिया ने बताया कि यादव धर्मकांटा स्थित इंडीकैश बैंक का एटीएम है। रविवार तडक़े 3 से 4 बजे के बीच तीन नकाबपोश बदमाशों ने एटीएम मशीन को तोडऩा शुरू कर दिया। बदमाश वारदात को अंजाम दे पाते उससे पहले ही एटीएम बूथ के पास ही एक मकान में रहने वालों ने एटीएम तोडऩे की आहट सुनी। उन्होंने छत से देखा तो तीन बदमाश एटीएम तोडऩे का प्रयास कर रहे हैं। 
बदमाशों को देखते ही पड़ोसी ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। सूचना मिलते ही कंट्रोल ने हजीरा थाना पुलिस को सूचना दी। मामले का पता चलते ही मोबाइल में गश्त कर रहे एसआई नरेन्द्र छिकारा, प्रधान आरक्षक रघुवीर गुर्जर, आरक्षक समरथ, कमलेश चौरसिया, नरेश शाक्य, विकास व एफआरवी 19 पर पदस्थ पायलट रामराज सिंह तोमर मौके पर पहुंचे।
जैसे ही पुलिस एटीएम के पास पहुंची तो तीन युवक पुलिस की गाडिय़ों की आवाज सुनकर वहां से भाग निकले। पुलिस ने उनका पीछा किया और घेराबंदी कराई तो बदमाश रेलवे लाइन पार कर दूसरी तरफ चले गए। पुलिस ने पैदल बदमाशों का पीछा किया, लेकिन अंधेरे में वह कहीं घुम हो गए।
पुलिस अब बदमाशों का पता लगाने के लिए आस-पास के इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगालने शुरू कर दिया है। पुलिस को ऐसा इनपुट मिला है कि एटीएम तोडफ़ोड़ करने वाले चड्डी बनियान गिरोह के सदस्य हो सकते हैं। इस पर ही पुलिस ज्यादा सतर्क हैं। यह गिरोह हाइवे किनारे बसे मोहल्ले, कॉलोनी को अपना टारगेट बना सकता है।
जिस पड़ोसी ने पुलिस को बदमाशों की सूचना दी, उसके दरवाजे बदमाशों ने पहले ही बाहर से लॉक कर दिए थे, जिससे जगार होने पर वह बाहर ना आ सके। इस तरह की प्लानिंग कर वारदात करने की ट्रिक चड्डी-बनियान गिरोह की लगती है।