शिविर की सार्थकता जब हम कुछ सीखकर जायें और उसका अनुसरण जीवन में करें- अदालतवाले

Dec 16 2022

ग्वालियर। एनएसएस के द्वारा समाज में जागरूकता के कार्य करने की प्रवृत्ति तो रहती ही है, परन्तु इस जागरूकता के कार्य को एक अनुशासन के साथ किया जाये तो हमारा कार्य ओर सफल होगा। विशेष शिविर सात दिन साथ रहकर कार्य करने के साथ-साथ अनुशासन भी सिखाते हैं। यह बात विशेष शिविर उद्घाटन के अवसर पर समन्वयक रासेयो प्रो. अदालतवाले ने कही। माधव महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा सात दिवसीय विशेष शिविर भयपुरा ग्राम में आयोजित हो रहा है। उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रो. रविकान्त अदालतवाले, डॉ. मनोज अवस्थी, डॉ. संजय रस्तोगी, डॉ. संजय कुमार पाण्डेय एवं कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विकास शुक्ला उपस्थित थे।
प्रो. अदालतवाले ने बताया कि सप्त दिवसीय विशेष शिविर हमें एक साथ रहकर कार्य करने के साथ-साथ एक दूसरे व्यक्ति से कुछ सीखकर जाने और उसे अपने जीवन में अपनाने की प्रवृत्ति को सीखाता है। यह विशेष शिविर तभी सार्थक होगा जब हम कम से कम तीन बाते अच्छी जो सीखने लायक है, सीखकर जाये।
डॉ. रस्तोगी ने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना एक ऐसा मंच है जहाँ से हम सेवा तो करते ही है, परन्तु जब हम शिविर से वापस अपने घर जाये तो घरवालों को हमारे आचरण में कुछ बदलाव दिखें यह हमारे शिविर की सार्थकता है। हम एक साथ श्रमदान के द्वारा ऐसे कार्य करें जिससे दूसरे लोग भी करने को प्रेरित हो। कार्यक्रम का संचालन डॉ. विकास शुक्ला एवं आभार डॉ. संजय कुमार पाण्डेय ने किया।
सात दिवसीय विशेष शिविर में स्वयंसेवक श्रमदान एवं जागरूकता के कार्यों को करने का होता है। इस वर्ष ग्रामीण परिवेश में शासकीय योजनाओं को आम जन तक पहुँचाने के लिये स्वयंसेवक कार्य करेंगे। एनएसएस ग्राउण्ड लेवल पर कार्य करके दूसरों को भी कार्य करने हेतु प्रेरित करता है जिसका असर समाज में देखने को मिलता है।
कार्यक्रम में स्वयंसेवक अनिरूद्ध शर्मा, रितिक घोरपडे, राजवीर सिंह, सुमित, कु. वर्षा, साहिल, आकाश, मोहित, शिवम, अनिलकांत बनाफल, अंकुर चौरसिया, कु. शीतल नामदेव, कु. सिया अग्रवाल, योगेश माहौर आदि स्वयंसेवक उपस्थित थे।