उटीला में जुए खेलते 11 जुआरी पकड़े, 4.25 लाख रुपये जब्त

Dec 16 2022

ग्वालियर। उटीला में चल रहे जुए के अड्डे पर क्राइम ब्रांच की टीम ने छापा मारा। यहां से 11 लोगों को पकड़ा, इनसे 4.25 लाख रुपये बरामद हुए हैं। जुआ खेल रहे कुछ लोग पुलिस को देखकर भाग गए। दो गाडिय़ां भी पुलिस ने बरामद की हैं। जुए के अड्डे पर ग्वालियर और आसपास के गांव में रहने वाले लोग जुआ खेलने के लिए जाते थे।
एसएसपी अमित सांघी ने बताया कि उटीला में जुए का अड्डा चल रहा था। आसपास के गांव के लोग जुए की फड़ की वजह से परेशान थे, इसलिए यहां से कुछ लोग आए और जुआ खेले जाने की सूचना दी। सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच के डीएसपी ऋषिकेष मीणा और उनकी टीम को पड़ताल में लगाया। टीम मुखबिर के बताए स्थान के आसपास पहुंच गई। सादा वर्दी में टीम लगी थी। दिनभर टीम यहां तैनात रही। शाम करीब 4 बजे से जुआ खेलने वाले इकठ्ठा होना शुरू हो गए। जुए की फड़ जमते ही टीम ने दबिश दी। पुलिस देखकर जुआ खेल रहे लोगों में भगदड़ मच गई। यहां से पुलिस ने 11 लोगों को पकड़ा है। इनके पास से 4.25 लाख रुपये, मोबाइल बरामद हुए। क्राइम ब्रांच की टीम ने इन्हें उटीला थाना पुलिस के सुपुर्द किया। उटीला पुलिस ने इन पर एफआइआर दर्ज की। फिर इन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया।
जुआ खेलते हुए क्राइम ब्रांच की टीम ने अरुण पुत्र कमलेश राजपूत उम्र 24 साल निवासी संजय कालोनी, सतीश पुत्र बाबूलाल बाथम उम्र 30 साल निवासी टिहोली, अशोक पुत्र आदीराम बाथम उम्र 45 साल निवासी थाटीपुर, सुदर सिंह यादव पुत्र अवतार सिंह यादव उम्र 38 साल निवासी बलवंत नगर, बबलू पुत्र नवल सिंह बाथम उम्र 19 साल निवासी चीनोर, मल्लू पुत्र गौरव गुर्जर उम्र 35 वर्ष निवासी बिलौआ, बैजनाथ पुत्र केदार तिवारी उम्र 32 साल निवासी उटीला, दिनेश पुत्र रामविलास गोस्वामी उम्र 41 साल निवासी चीनोर, मुन्ना पुत्र मुंशीलाल बघेल उम्र 32 साल निवासी गंगा विहार कालोनी, गोला का मंदिर, भारत पुत्र कमलेश कुशवाह उम्र 22 साल निवासी बड़ेरा कालोनी, रामकुमार पुत्र कप्तान प्रसाद शर्मा उम्र 45 साल निवासी सिद्घेश्वर नगर, थाटीपुर को पकड़ा है।
जैसे ही क्राइम ब्रांच की टीम यहां पहुंची तो यहां चरवाहों ने शोर मचाया और मवेशियों को भी छोड़ दिया। जब इनसे पूछताछ की तो इन्होंने बताया कि जुए के अड्डे तक पुलिस न पहुंच पाए, इसके लिए चरवाहों को रुपए देते थे। इनसे मुखबिरी करवाते थे। यह चरवाहे रास्तों के आसपास ही घूमते रहते थे। जैसे ही पुलिस के आने का संदेह होता तो सडक़ पर मवेशी छोड़ देते थे और शोर मचा देते थे।