संविदा स्वास्थ्यकर्मी हड़ताल पर, मरीज बिना इलाज लौटे

Dec 15 2022

ग्वालियर। वर्षों पुरानी दो सूत्रीय मांगों को लेकर आखिरकार प्रदेश संविदा स्वास्थ्य कर्मी संघ के आह्वान पर गुरुवार की सुबह जिलें पदस्थ 778 संविदा स्वास्थ्य कर्मियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य विभाग के अस्पतालों से लेकर संजीवनी क्लीनिक सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गईं। हड़ताल के चलते इलाज कराने जिला अस्पताल से लेकर शहर के प्राथमिक उपचार केन्द्रों व संजीवनी क्लीनिक पहुंचे मरीज बिना इलाज कराए ही वापस लौटने को मजबूर दिखाई दिए।
जिला संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष धर्मवीर शुक्ला ने बताया कि प्रदेश संघ से मिले निर्देश के बाद जिले में पदस्थ सभी संविदा कर्मी गुरुवार की सुबह से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। लगभग आठ सैकड़ा से अधिक कर्मचारियों के एक साथ अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर जाने से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन व स्वास्थ्य विभाग की स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं आज सुबह से ही बेपटरी नजर आईं।
गुरुवार की सुबह से हड़ताल पर गए संविदा स्वास्थ्य कर्मियों के कारण हड़ताल का सीधा असर रोग संबंधी जांच रिपोर्ट के साथ पैथोलॉजी जांच सहित एसएनसीयू व अस्पताल की अन्य स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ता दिखाई दिया। मुरार जिला अस्पताल से लेकर सिविल डिस्पेंसरी सहित अन्य प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर पहुंचे मरीज व उनके परिजनों को बिना रोग संबंधी जांच कराए बिना ही लौटने को मजबूर होना पड़ा।
गुरुवार से जिले में एसएनसी दिल्ली की टीम टीबी रोग से पीडि़त मरीजों का सर्वे करने के लिए आ पहुंची है। लेकिन हड़ताल के चलते कोई भी संविदा कर्मचारी का साथ नहीं मिलने से सर्वे के काम भी शुरु नहीं होने से अफसरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अंत में शुक्ला का कहना है कि जब तक प्रदेश शासन हमारी दो सूत्रीय मांगों को नहीं मानेगा तब तक संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी हड़ताल पर रहकर आर-पार की लड़ाई जारी रखेंगे।