अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों का भी बोध होना आवश्यक-डॉ. देवदत्त मिश्रा

Dec 10 2022

ग्वालियर। मानव अपने अधिकारों के प्रति सजग तो रहता ही है, परन्तु अपने कर्तव्यों का बोध भी उसे होना चाहिये क्योंकि हम अपने अधिकार तो चाहते हैं, लेकिन कर्तव्यों के प्रति उदासीन रहते हैं। यह बात मानवाधिकार दिवस पर आयोजित व्याख्यान में मुख्य वक्ता डॉ. देवदत्त मिश्रा ने कही। 10 दिसम्बर मानव अधिकार दिवस समूचे विश्व में मनाया जाता है। जिसके अंतर्गत माधव महाविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यवक्ता डॉ. देवदत्त मिश्रा, अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजय रस्तोगी, विशिष्ट अतिथि डॉ. सुभाष जैन, राज्य मानव अधिकार ग्वालियर-चंबल संभाग, संयोजक, उपस्थित थे।
डॉ. देवदत्त मिश्रा ने कहा कि मानव अधिकारों को हमें भारतीय परम्पराओं एवं दर्शन के परिप्रेक्ष्य में देखना चाहिये। हमें किसी चीज को दिवस के रूप में ही याद न करके हमेशा उन दिवसों का स्मरण प्रत्येक दिवस करना चाहिये और अपने जीवन के आचरण में उतारना चाहिये।
डॉ. रस्तोगी ने कंहा कि महाविद्यालय में उपस्थित छात्र/छात्राओं को अपने हितों के लिये जागरूक रहना चाहिये एवं इस प्रकार का कोई भी आचरण नहीं करना चाहिये जिससे की दूसरों के अधिकारों का हनन हो। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजेश मिश्रा एवं आभार डॉ. नीलेन्द्र सिंह तोमर ने किया।
कार्यक्रम में डॉ. शिवकुमार शर्मा, प्रो. कुसुमलता चैहान, डॉ. मनोज अवस्थी, डॉ. संजय कुमार पाण्डेय, डॉ. संतोष शर्मा, डॉ. कौशलेन्द्र अवस्थी, डॉ. योजना तिवारी, डॉ. निवेदिता पांचाल, डॉ. विकास शुक्ला, डॉ. राकेश करहेरिया, डॉ. प्रशान्त साहू, डॉ. मंदाकिनी शर्मा, डॉ. विनीता जैन, डॉ. दीप्ती नारंग, प्रो. प्रेक्षा नाईक, प्रो. दीपक शिन्दे आदि लोग उपस्थित थे।