रोजगार सहायक को सैलून पर रिश्वत लेते लोकायुक्त पुलिस ने पकड़ा

Dec 08 2022

ग्वालियर/मुरैना।  मुरैना के कैलारस में एक रोजगार सहायक रिश्वत लेते पकड़ा गया है। वह काम के बदले 11 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा था। 4 हजार रुपए पहले दे दिए थे। बाद में 7 हजार रुपए लेते पकड़ा गया।
फरियादी बिट्टू सहगल उपसरपंच खरेली पंचायत तहसील जौरा ने रोजगार सहायक दुर्गेश शर्मा से कहा कि नाले के निर्माण का 50 हजार रुपए भुगतान करा दें। इस पर रोजगार सहायक दुर्गेश शर्मा ने उससे कहा कि वह उसे पहले 11 हजार रुपए रिश्वत के दे, इसके बाद दिलवाएंगे। इस पर चार हजार रुपए उसने पहले दे दिए थे, बाद में सात हजार रुपए देने का वायदा किया। इसके बाद उपसरपंच बिट्टू सहगल ग्वालियर स्थित लोकायुक्त कार्यालय गया तथा वहां उसने लोकायुक्त से रिश्वत मांगने की शिकायत की।
लोकायुक्त की टीम ने उसे एक टेप रिकॉर्डर दिया, जिसमें रिश्वत लेने-देने की बात उसने रिकॉर्ड करा कर दे दी। इसके बाद लोकायुक्त की प्लानिंग के तहत गुरुवार को लोकायुक्त की टीम कैलारस पहुंची। वहां टीम के सदस्यों ने उपसरपंच से कहा कि रोजगार सहायकदुर्गेश को फोन लगाओ। फोन पर रोजगार सहायक ने कहा कि वह कार्यालय के बाहर आ रहा है। 
आरोपी दुर्गेश ने देवेश को रिश्वत के रुपए लेने के लिए घर पर बुलाया था, लेकिन जब देवेश उसके घर पहुंचा तो वह पास ही नाई की दुकान पर था, तो दुर्गेश ने देवेश को नाई की दुकान पर ही बुला लिया। यहां पर देवेश के पहुंचने से पहले ही ईओडब्ल्यू की टीम पहुंच गई। और जैसे ही देवेश ने रुपए के लिए हाथ बढ़ा दिए। जैसे ही उसने हाथ बढ़ाए तो उपसरपंच ने पाउडर लगे नोट दुर्गेश के हाथ में थमा दिए। जैसे ही रोजगार सहायक ने नोट हाथ में लिए आस-पास सादा वर्दी में मौजूद लोकायुक्त की टीम के सदस्यों ने उसे पकड़ लिया और बोतल में रखा पानी जैसे ही उसके हाथ पर डाला उसके हाथ लाल हो गए। ईओडब्ल्यू की टीम ने उसे दबोच लिया। उसके बाद उसे कार्यालय लेकर पहुंचे तथा वरिष्ठ अधिकारियों को पूरी बात बताई।
ईओडब्ल्यू की टीम को देखते ही रोजगार सहायक ने वहां से भागने का प्रयास किया, लेकिन पहले से ही अलर्ट टीम ने उसे मौका नहीं दिया और दबोचकर उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।