कंपू स्थित खेल मैदान में मनाया विश्व विकलांग दिवस

Dec 03 2022

ग्वालियर। विश्व विकलांग दिवस का महत्व तब बढ़ जाता है, जब बात विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों की आती है। यही एक ऐसा दिन होता है, जब विकलांग व्यक्तियों के कल्याण की बातें की जाती हैं। समाज में हो रही उपेक्षा और उन्हें हीन भावना से देखे जाने वाली बातों पर अंकुश लगाने के लिए यह दिन खास अहमियत रखता है। यह बात शनिवार को कंपू स्थित खेल मैदान में आयोजित विश्व विकलांग दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में ग्वालियर सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने कही। 
इस मौके पर महापौर डॉ. शोभा सतीश सिकरवार ऊर्जामंत्री प्रधुन सिंह तोमर विशेष रूप से मौजूद थे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्जवालित करते हुये की गई। इसके उपरांत दिव्यांग बच्चों की रैली को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया। इस मौके पर ऊर्जामंत्री ने कहा कि विश्व विकलांग दिवस के अवसर पर कला प्रदर्शनी, चित्रों आदि की गैलरी से इस दिन को मनाया जा सकता है। विकलांग व्यक्तियों को सम्मान देते हुए कार्यक्रमों का आयोजन कर उन्हें समाज में एक बराबर वर्ग बताते हुए जागरूकता फैलाई जा सकती है।
विकलांग व्यक्तियों के कामों की तारीफ करते हुए उन्हें पुरस्कृत करने से इस दिन की अहमियत और ज्यादा बढ़ जाती है। आपको बतादें कि विकलांग व्यक्तियों को बराबरी के मौके देने और उनके अधिकारों को साकार रूप प्रदान करने के लिए हर साल 3 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकलांग व्यक्तियों का अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाने की शुरुआत हुई थी और 1992 से संयुक्त राष्ट्र के द्वारा इसे अंतरराष्ट्रीय रीति-रिवीज के रुप में प्रचारित किया जा रहा है। 
विकलांगों के प्रति सामाजिक कलंक को मिटाने और उनके जीवन के तौर-तरीकों को और बेहतर बनाने के लिये उनके वास्तविक जीवन में बहुत सारी सहायता को लागू करने के द्वारा तथा उनको बढ़ावा देने के लिये साथ ही विकलांग लोगों के बारे में जागरुकता को बढ़ावा देने के लिये इसे सालाना मनाने के लिये इस दिन को खास महत्व दिया जाता है। 
1992 से, इसे पूरी दुनिया में ढ़ेर सारी सफलता के साथ इस वर्ष तक हर साल से लगातार मनाया जा रहा है। समाज में उनके आत्मसमान, सेहत और अधिकारों को सुधारने के लिये और उनकी सहायता के लिये एक साथ होने के साथ ही लोगों की विकलांगता के मुद्दे की ओर पूरे विश्वभर की समझ को सुधारने के लिये इस दिन के उत्सव का उद्देश्य बहुत बड़ा है। जीवन के हरेक पहलू में समाज में सभी विकलांग लोगों को शामिल करने के लिये भी इसे देखा जाता है जैसे राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक। इसी वजह से इसे विश्व विकलांग दिवस के शीर्षक के द्वारा मनाया जाता है।