संजने संवरने लगा मेले का झूला सेक्टर में गतिविधियां तेज, दुकानों की बुकिंग 1 दिसंबर से

Nov 24 2022

ग्वालियर। 116 साल पुराना माधवराव सिंधिया व्यापार मेला ग्वालियर का शुभारंभ 25 दिसंबर को होगा। लैकिन बीते बुधवार से मेले में झूला सेक्टर झूला लगना शुरू हो गये। वहीं दुकानों के सजने संवरने का काम तेजी से चल रहा है। बीते सोमवार को भोपाल में हुई मेला प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में यह तिथि घोषित की गई है। साथ ही मेला लगाने को लेकर कार्यक्रम तय किया गया था कि आयोजन से पूर्व उसकी तैयारियों के लिए मेला सचिव टेंडर प्रक्रिया शुरू करेंगे। मेला सचिव निरंजन श्रीवास्तव ने बताया कि मेला तैयारी के लिए बाकी की सभी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी और दुकानों का आवंटन शुरू कर दिया जाएगा।
ग्वालियर व्यापार मेले की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार मेले में 1500 पक्की दुकान और लगभग 500 चबूतरों के लिए बुकिंग प्रक्रिया 1 दिसंबर से शुरू होने जा रही है।
इससे पहले ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण ने उन लोगों को बुकिंग की सुविधा दी है, जिन्होंने कोरोना महामारी के दौरान मेला में दुकानें लगाई थीं। इसका कारण है कि बीते साल कोरोना संक्रमण फैलने के कारण बीच में ही बंद कर दिया गया था। मेले में सबसे महंगी दुकान इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर की इस बार भी रहेगी। यहां 10 वाई 20 फीट की दुकान का शुल्क 16600 रुपए लगभग रहेगा। जबकि जनरल दुकान का आवंटन 4673 रुपए में होगा। इस दुकान का साइज 8 वाई 12 फीट रहेगा। वहीं बात चबूतरे की करें तो 8 वाई 12 फीट का चबूतरे का शुल्क 2400 रुपए रहेगा। यह शुल्क ग्वालियर मेला अवधि के लिए रहेगा।
ग्वालियर- देश-प्रदेश में ख्याति प्राप्त ग्वालियर व्यापार मेले की तैयारियां आगामी कुछ दिनों में ही धरातल पर दिखाई देने लगेंगी। मेला मैदान के झूला सेक्टर में गतिविधियां तेज हो जाने की उम्मीद है। क्योंकि देश के विभिन्न शहरों में लगे झूले जल्द ही मेला मैदान में पहुंचना शुरू हो जाएंगे। ग्वालियर मेले में लगाने के लिए आगरा से झूले मंगा लिए गए हैं। इन झूलों को लगाने का काम शुरू कर दिया।
पूरी कोशिश रहेगी की झूले मेला आयोजन की तिथि (25 दिसंबर) से 10 दिन पहले ही पूरी तरह से लग जाए। जिससे किसी भी कमी की गुंजाइश को खत्म किया जा सके। इस साल चूंकि मेला कोरोना फ्री माहौल में लगने जा रहा है। ऐसे में जबरदस्त कारोबार की उम्मीद जताई जा रही है। छोटे व्यापारियों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। कुछ छोटे व्यापारी ऐसे भी हैं जिन्होंने दुकानें आवंटित होने से पहले ही अपनी संभावित दुकानों की सफाई आदि करना शुरू कर दिया है।