वरिष्ठ डाक्टर बैठे धरने पर,मरीज हुए परेशान

Nov 22 2022

ग्वालियर। मेडिकल टीचर्स एसोशिएसन गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय के बैनर तले मेडिकल कालेजों में प्रशासनिक अधिकारी की नियुक्ति को लेकर शासन के इस निर्णय के विरोध में मंगलवार को डाक्टर हड़ताल पर चले गए। हालांकि हड़ताल का आंशिक असर कालेज में देखने को मिला। ओपीडी व इमरजेंसी में पीजी डॉक्टर बैठे। वरिष्ठ डाक्टरों ने धरना देना शुरू कर दिया। ऐसे में वरिष्ठ डॉक्टर मरीजों के लिए उपलब्ध नहीं रहे। इसके साथ ही सभी डॉक्टर काली पट्टी लगाकर हड़ताल पर रहे। इससे उन मरीजों को परेशानी हुई जो मेडीकल कालेज के विशेषज्ञ डॉक्टरों को दिखाने के लिए गए। उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।
प्रोग्रेसिव मेडिकल टीचर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डा सुनील अग्रवाल का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारी की नियुक्ति शासन का गलत निर्णय है। जिसको लेकर प्रदेश के सभी 13 मेडिकल कालेज के डाक्टर अनिश्चित कालीन हड़ताल पर हैं। सोमवार को सभी डाक्टरों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया था। लेकिन शासन अपने निर्णय को लेकर अडिग है और प्रस्ताव को कैबिनेट में पास कराने के लिए ले जाने वाली है। जिसका सभी डाक्टर विरोध कर रहे हैं। यदि शासन अपना निर्णय नहीं बदलता तो यह हड़ताल आगे भी जारी रहेगी।
डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से कालेज में मरीजों के उपचार व शिक्षण का काम पूरा ठप रहा। वरिष्ठ डॉक्टर धरने पर बैठकर सरकार के निर्णय का विरोध कर रहे थे। हालांकि इमरजेंसी व ओपीडी में पीजी डॉक्टर मरीजों को देख रहे थे। लेकिन उन्हें गहन उपचार नहीं मिल पा रहा था।
मंगलवार को ओपीडी व आइपीडी प्रभावित रहे। प्रतिदिन दो से तीन हजार मरीज माधव डिस्पेंसरी की ओपीडी में उपचार लेने के लिए पहुंचते हैं। लेकिन ओपीडी बंद रहने पर मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जिसका भार पूरा कैजुअल्टी पर रहा। मंगलवार को ओपीडी से लेकर जांच आदि भी नहीं हुई। इसके अलावा पोस्टमार्टम हाउस में भी काम काज प्रभावित रहा।
जेएएच अधीक्षक डा आरकेएस धाकड़ ने कहा कि हड़ताल की सूचना मिली थी, जिसको लेकर वैकल्पिक व्यवस्था अस्पताल में की गई है। जिससे मरीजों के इलाज पर कोई प्रभाव न पड़े और जो मरीज उपचार के लिए जेएएच पहुंचे उन्हें मिल सके।