सवारी आटो और टमटम को हटवाने के लिए परेशान दुकानदारों ने सांसद शेजवलकर को ज्ञापन सौंपा

Nov 20 2022

ग्वालियर। ग्वालियर जिले में ट्रैफकि व्यवस्था का बुरा हाल है। सबसे ज्यादा व्यस्त रहने वाले महाराज बाड़ा क्षेत्र का तो भगवान ही मालिक है। सुबह से लेकर देर रात तक यहाँ हजारों वाहन चालक समय-समय पर जाम में फँस जाते हैं। इधर गांधी मॉर्केट और हेमू कालाणी चौक पर तो सुबह से लेकर रात तक सवारी वाहनों का जमघट लगा रहता है, इस कारण से सबसे ज्यादा परेशानी यहाँ के दुकानदारों को झेलना पड़ रही है।
खास बात यह है कि दुकानदारों ने उक्त स्थान से सवारी वाहन ऑटो और टमटम को हटाने के लिए स्थानीय थाना, विधायक और पुलिस के आलाधिकारियों को पत्र व्यवहार किया है लेकिन कोई परिणाम नहीं मिला। अंत में थकहार कर दुकानदारों ने रविवार 20 नवंबर को सवारी वाहनों को हटवाने के लिए ग्वालियर सांसद विवेक नारायण शेजवलकर को ज्ञापन सौंपा है। सांसद ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही गांधी मार्केट और हेमू कालाणी चौक से सवारी वाहनों का जमघट लगना बंद हो जाएगा। दरअसल कई बार दुकानदारों ने सवारी वाहन मालिकों को वाहन हटाने के लिए कहा तो ऑटो संघ के लोगों ने विवाद किया है।
दुकानदारों ने बताया कि कई बार तो यहाँ दुकानदार और वाहन चालकों के बीच मारपीट तक हो चुकी है। सवारी वाहन चालक दुकान के सामने काफी देर तक खड़े होकर सवारी का इंतजार करते हैं। दुकानदार जब वाहन हटाने को कहता है तो चालक जमा होकर हंगामा करना शुरू कर देते है।
उल्लेखनीय है कि महाराज बाड़े की पुरानी बसावट, तंग (सकरीं) गलियों के बीच दुकानों के बाहर सडक़ किनारे आडे तिरछे खड़े वाहन, नौ-पार्किंग प्लेस में भी वाहनों के खड़े रहने से आवगमन प्रभावित रहता है। ट्राफिक पुलिस व्यवस्था के बावजूद आए दिन जाम लगने से राहगीर परेशान हैं।
सडक़ किनारे आडे तिरछे वाहनों से मुख्य बाजार में जाम लगना आम बात है। इधर, मुख्य बाजार भारी वाहनो की आवाजाही बंद होने के बावजूद राहगीरो का पैदल चलना मुश्किल हो जाता है।
गांधी मार्केट और हेमू कालाणी चौक के दुकानदारों का कहना है कि हम ट्रैफिक पुलिस, थाना प्रभारी,डीएसपी यातायात और विधायक तक को शिकायत करके परेशान हो चुके हैं। लेकिन हमारी कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। इतना ही नहीं सवारी वाहन चालकों द्वारा हमें मानसिक रूप से परेशानी दी जा रही है,आए दिन धमकी देते हैं। इस कारण से हमको सांसद की शरण में आना पड़ा है। बताया गया कि यहाँ से भी हमको निराकरण नहीं मिला तो हम सब दुकानदार आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।