महापौर से पीडित लोग बोले हमें ही क्यों बनाया जा रहा है निशाना

Nov 18 2022

ग्वालियर। किलागेट से सेवानगर तक सडक़ चौड़ीकरण में बाधक बन रहे मकानों को तोड़े जाने के लिए नगर निगम द्वारा दिए गए नोटिस के बाद अब महापौर डॉ.शोभा सिकरवार ने किलागेट से सेवानगर तक एक-एक दुकानदार और मकान मालिक से मिलकर उनकी बात सुनी। उन्होंने कार्रवाई की निंदा करते हुए लोगों को आश्वस्त किया कि वे इस मामले में अधिकारियों से चर्चा करेंगी। 
डॉ. शोभा सिकरवार शुक्रवार सुबह 10 बजे किलागेट पहुंची। उनके साथ कांग्रेस महासचिव सुनील शर्मा, मुनेन्द्र भदौरिया सहित अन्य कांग्रेस नेता भी उपस्थित थे। यहां उन्होंने यहां के उन दुकानदारों एवं भवनस्वामियों से चर्चा की जिन्हें नगर निगम ने छह घंटे का नोटिस दिया हुआ है। इस दौरान उन्हें लोगों ने बताया कि उनके पास वैध रजिस्ट्रियां है और मंजूरी के बाद ही निर्माण कार्य किए हैं। अधिकांश निर्माण कार्य 40 से 50 साल पुराने हैं। लोगों का कहना था कि जब अतिक्रमण हटाने के नाम पर उनके क्षेत्र में ही कार्यवाही क्यों की जा रही है। क्या ग्वालियर पूर्व और दक्षिण में अतिक्रमण नहीं है। तत्कालीन कलेक्टर आकाश त्रिपाठी के समय भी इसी क्षेत्र में कार्रवाई के नाम पर लोगों को बर्बाद कर दिया गया। 
अब फिर लोगों को बेघर और बेरोजगार किया जा रहा है। लोगों का कहना था कि उनकी दुकान और मकान टूट जाएंगे तो वे क्या करेंगे। लोगों का कहना था कि उन्हें हुए नुकसान का मुआवजा मिलना चाहिए तथा उनके विस्थापन की व्यवस्था होनी चाहिए। नगर निगम द्वारा यहां के 244 मकानों को तोडऩे के लिए नोटिस दिए गए हें। इसके बाद से यहां के लोग दहशत में है और वे खुद ही अपने मकान, दुकानें तोडऩे में लगे हुए हैं।
सोशल मीडिया पर महापौर को घेरा
महापौर डॉ. शोभा सिकरवार नगर निगम की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर चुकी हैं। उन्होंने नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर कहा है कि जब यहां के यातायात के दबाव को कम करने के लिए 750 करोड़ की एलीवेटेड रोड बन रही है तब फिर यहां तोडफ़ोड़ की कार्रवाई क्यों की जा रही है। महापौर द्वारा लिखे गए इस पत्र के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कार्रवाई के चार दिन बाद महापौर को यहां के लोगों की याद क्यों आई।