भैरव अष्टमी पर मंदिरों में हुआ अभिषेक, सुबह से ही उमड़ी भक्तों की भीड

Nov 16 2022

ग्वालियर। दसों दिशाओं की रक्षा का दायित्व संभालने वाले भैरव जी की प्रकाट्य दिवस नगर में बुधवार को पूरे भक्ति भाव के साथ मनाया जा गया। नगर के प्रमुख भैरव मंदिर नया बाजार, माधवगंज सराफा बाजार व स्टेशन पुल के नीचे मंशापूर्ण हनुमान मंदिर में भैरव अष्टमी पर तडक़े भैरवजी अभिषेक किया गया। सिंदूर का चौला चढ़ाकर सोने व चांदी के वर्क के साथ विशेष अभिषेक किया गया है।
सुबह से काल भैरव के दर्शनों के लिये भक्तों की भीड़ लगना शुरू हो गई जो देर रात तक अनवरत रूप से जारी रही। भक्त भैरवजी को मदिरा के साथ मंगोड़े, इमरती, दही जलेबी का भोग अर्पित करें। 
मान्यता है कि भैरवजी की आराधना से ग्रह भी शांत होते है। ढैय्या व साढ़े साती शनि में राहत मिलती है। भैरव अष्टमी का पर्व शहर भर में बुधवार को श्रद्धाभाव के साथ मनाया रहा है। सुबह से ही भैरो मंदिरों पर भक्तों का पहुंचने का सिलसिला प्रारंभ हो गया। भक्तों ने श्रद्धाभाव के साथ भगवान भैरो नाथ की पूजा-अर्चना कर घर-परिवार की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। 
कई जगह हुआ भंडारे का आयोजन
भैरव अष्टमी को लेकर जहां मंदिरों में पूजा-अर्चना का सिलसिला जारी था, वहीं मंदिरों पर मंदिर प्रबंधन द्वारा भंडारों की तैयारियां भी जोर-शोर से की जा रहीं हैं। शहर में कई स्थानों पर बुधवार को भंडारे आयोजित किए गए। जिसमें श्रद्धालुगण बाबा की प्रसादी ग्रहण की। 
भेलसे वाली माता के भैरव मंदिर पर लगा भतों का मेला
बुधवार को भैरव अष्टमी के अवसर पर जनक ताल अमरा पहाड़ स्थित भैरव मंदिर पर भैरव जयंती मनाई गई। इस भैरव मंदिर को भेलसे वाली माता के काले भैरव के रूप में जाना जाता है यह मंदिर करीब 500 वर्ष पुराना है। मंदिर पुजारी अमित कुमार ने बताया है कि इस भैरव मंदिर की मान्यता है की भेलसे वाली माता के दर्शन इनके दर्शन के बिना अधूरे माने जाते हैं। भैरव जयंती के अवसर पर प्रात:काल भैरव जी को दूध दही मखन से अभिषेक किया गया। इस अभिषेक को 11 ब्राह्मणों ने मंत्र उच्चारण के साथ पूर्ण कराया। इस अवसर मंदिर पर विशेष साज-सज्जा के साथ छप्पन भोग लगाकर 51 किलो दाल से बने मंगोड़े और मदिरा का भोग लगाकर प्रसाद वितरण किया गया। 
भेलसे वाली माता पर आज गुरूवार को विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है सभी धर्म प्रेमी जनता से अपील है कि मंदिर पहुंचकर धर्म लाभ लें।