दीक्षार्थी की बिनोली शोभायात्रा निकाली, जैन समाज ने गोद भरकर किया स्वागत

Nov 14 2022

ग्वालियर। मुनिश्री विहर्ष सागर महाराज के कर कमलों द्वारा प्रथम बार आगरा जयपुर हाउस निवासी जैनेश्वरी दीक्षार्थी डॉक्टर सुरेश जैन मुनि दीक्षा 18 दिसंबर को दिल्ली के लाल किला मैदान महाअर्चना कार्यक्रम में ग्रहण करेंगे। मुनि दीक्षा से पहने ग्वालियर में सोमवार को विहर्ष गुरु भक्त परिवार एवं सकल जैन समाज ग्वालियर के द्वारा दीक्षार्थी डॉक्टर सुरेश जैन की गाजेबाजे के साथ भव्य बिनौली शोभायात्रा निकाली गई। मुनिश्री विहर्ष सागर लाइव दर्शन देकर सकल जैन समाजजनो को संबोधित कर 18 दिसंबर की दिल्ली पहुँचने का आग्रह किया।
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि विहर्ष गुरुभक्त परिवार को ओर से दाना ओली स्थित जैन मंदिर नागौरिया से दीक्षार्थी भाई डॉ सुरेश जैन की गाजेबाजे के साथ भव्य बिनौली शोभायात्रा निकाली गई। बिनोली शोभायात्रा में दीक्षार्थी भाई डॉ सुरेश जैन दूल्हे की तरह सज्जकर हाथों में मेहदी रची हुई बाग्गी में बैठकर उनका जैन समाज के लोगो ने जगह-जगह अपने निवास व प्रतिष्ठानों पर उनकी गोद भरकर भव्य स्वागत किया। शोभायात्रा दाना ओली से शुरू होकर मुख्य मार्गो से होती हुई कार्यक्रम स्थल नई सडक स्थित चंपाबाग धर्मशाला पहुची।
आत्मा को परमात्मा बनाने का मार्ग है दीक्षा-आर्यिकाश्री
 पट्ट गणिनी विज्ञमति माताजी ने चंपाबाग धर्मशाला में दीक्षार्थी भाई की गोद भराई पर धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य जन्म से नहीं कर्म से ही महान बनता है। व्यक्ति चाहे तो जन्म-मरण से मुक्ति पाकर मोक्ष की प्राप्ति कर सकता है। जैन धर्म में दीक्षा का अर्थ है समस्त कामनाओं की समाप्ति और आत्मा को परमात्मा बनाने के मार्ग पर चल निकलना। 
कार्यक्रम स्थल चंपाबाग धर्मशाला में दीक्षार्थी डॉ सुरेश जैन ने गुरु मां विशुद्ध मति माताजी एवं पट्ट गणिनी विज्ञमति माताजी ससंघ के चरणों श्रीफल भेंटकर मंगल आशीर्वाद लिया। आर्यिकाश्री माताजी के सानिध्य में सैकड़ों की संख्या जैन समाज के समाजजनो एवं विहर्ष गुरु भक्त परिवार द्वारा दीक्षार्थी भैया जी की गोद भराई काजू, बादाम, नारियल, किशमिश, छुहारे, फल, मिठाई आदि से भराई की।