जयारोग्य अस्पताल के वार्ड फुल, सर्दी के मौसम में खुले में इलाज कराने को विवश लोग

Nov 02 2022

ग्वालियर। शहर में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए शासन-प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन भले ही बड़े-बड़े दावे कर रहा हो पर हकीकत कुछ और है और अंचल के सबसे बड़े अस्पताल जयारोग्य अस्पताल में मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण मरीजों को वार्ड में जगह नहीं मिल रही। जिसके कारण मरीजों को वार्डों के बाहर बेंचों पर या फिर जमीन पर उपचार कराना पड़ रहा है। 
अहम बातयह है कि इस समय मौसम ठंडा हो गया और गुलाबी सर्दी का अहसास होने लगा है ऐसे में मरीज और उसके साथ आए अटेंडरों को खुले में रहना परेशानी का सबब बनता जा रहा है। 
यहां यह बताना भी जरूरी है कि अस्पताल प्रबंधन बार-बार यह दावे करता है कि जयारोग्य अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हैं और इसके बाद अगर मरीजों को उपचार के लिए इधर-उधर भटकना पड़े तो यह प्रबंधन के मुंह पर तमाचा है। अभी एक दिन पूर्व ही जिले के प्रभारी मंत्री ने शहर का भ्रमण किया और हिदायत दी थी कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाए जिससे लोग निजी अस्पतालों की ओर रुख ना करें और महज एक दिन बाद ही मरीजों को ना तो वार्ड में जबह मिल रही और ना ही बैड मिल रहा है। ऐसे में मजबूरन मरीजों को बैंच या फिर जमीन पर लेटकर उपचार कराना पड़ रहा है।
इन दिनों डेंगू और मलेरिया से ग्रसित मरीजों की संख्या में एकाएक वृद्धि हुई है जिसके कारण अस्पताल में बुखार, उल्टी, दस्त आदि के मरीजों की संख्या दिनोंदिन बढ़ रही है। मरीजों की संख्या बढऩे का असर वार्डों पर पड़ा और मरीजों के लिए वार्डों में बैड तक नहीं मिल रहे। सर्दी के मौसम में मरीजों को विवश होकर वार्डों के बाहर बैंचों पर उपचार कराना पड़ रहा है।