अचलेश्वर मंदिर पर हजारों भक्तों ने अन्नकूट का प्रसाद ग्रहण किया

Nov 01 2022

ग्वालिय।अचलेश्वर मंदिर पर सोमवार को अन्नकूट का आयोजन किया गया है। शाम 5 बजे से शुरू हुए अन्नकूट भंडारे में रात तक 25 हजार से ज्यादा बाबा के भक्त प्रसाद ग्रहण कर चुके थे। प्रसाद वितरण में कोई अव्यवस्था न हो इसके लिए स्टॉल बनाकर प्रसाद बांटा गया है। रात तक हजारों लोग रामभाजा, बूंदी, पूड़ी का आनंद ले चुके थे। अचलेश्वर मंदिर रोड पर वाहनों का आवागमन रोक दिया गया था। मंदिर पर रंग-बिरंग रोशनी से सजाया गया था। लोगों ने अचलेश्वर महादेव के दर्शन किए और प्रसाद पाया।
शहर में भक्तों की आस्था का केंद्र कहे जाने वाले अचलेश्वर मंदिर पर हर साल की तरह इस साल भी अन्नकूट का आयोजन बड़े ही भव्य रूप में किया गया है। दो साल से कोविड के चलते इतना बड़ा आयोजन अचलेश्वर मंदिर ट्रस्ट नहीं कर पा रहा था। पर इस बार कोविड की काली छाया अन्नकूट पर नहीं है। इसलिए सोमवार अचलेश्वर मंदिर पर अन्नकूट किया गया। जिसकी तैयारी कई दिनों से की जा रही थी।
अन्नकूट में भक्तों के लिए पूड़ी, रामभाजा सहित शुद्ध देसी घी से बनी बूंदी खास रही। भक्तों की भारी संख्या को देखते हुए अन्नकुट में बनने बाली लगभग बूंदी 550 किलो शुद्ध देसी घी में तैयार की गई थी। वंही 40 क्विंटल रामभाजा और 150 बोरी आटे की पूड़ी को बनाने में 250 से 300 टीन रिफाइंड तेल का इस्तेमाल किया गया। इन्हें तैयार करने के लिए 10 भट्टी बनाई गई थीं जिन पर बड़े बड़े कड़ाहों में रामभाजा बन कर तैयार हुआ।
अचलनाथ के अन्नकूट में रात तक लगभग 25 हजार से ज्यादा भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। ऐसे में आयोजन समिति ने आटा गुंदने और पूड़ी बनाने की लिए मशीन का इस्तेमाल किया गया। हर एक घंटे में 1800 से 1900 पूड़ी बन कर तैयार हो रहीं थीं। अन्नकूट मंदिर के बाहर लगे स्टालों से भक्तों में वितरित किया जा रहा था। जो शाम 5 बजे से देर रात तक चला। अन्नकूट के दौरान शाम 5 बजे से अचलेश्वर मार्ग पर यातायात प्रतिबंधित रहा। जबकि रोशनी घर रोड से यातायात सुचारू रूप से चलता रहा।