नमी घुलते ही दो डिग्री गिरा रात का पारा

Oct 30 2022

ग्वालियर। बीते दिनों से पश्चिमी मध्यप्रदेश के ऊपर बने प्रति चक्रवात का असर लगातार देखने को मिल रहा है, जिसके  कारण हवा का रुख बार-बार बदलने से तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव देखने को मिलने के साथ ही बीते रोज शाम गहराते ही वातावरण में नमी बढ़ते ही आसमान में धुंध ने कब्जा कर लिया।
मौसम विभाग के अनुसार सिस्टम के प्रभाव के चलते आसमान में हल्के परत के बादलों की आवाजाही के साथ ही नमी  का असर बढ़ते ही बीती रात न्यनूतम पारा दो डिग्री कम होने से एक बार फिर रात से लेकर सुबह तक घरों से बाहर निकले लोग हल्की गुलाबी ठंड का अहसास करते दिखे। हालांकि दिन चढऩे के साथ ही निकले सूर्य देवता ने अपनी तपिश का जैसे ही अहसास कराना शुरू किया वैसे ही गुलाबी सर्दी गायब हो गई। यही कारण है कि बीते तीन दिनों से अंचल के मौसम में अप-डाउन लगातार देखने को मिल रहा है।
 मौसम वैज्ञानिक सीके उपाध्याय ने बताया कि वर्तमान में बंगाल की खाड़ी व अरब सागर में अंचल के मौसम को प्रभावित करने वाली कोई भी मौसम प्रणाली एक्टिव नहीं है। साथ ही उत्तर भारत के आसपास कोई पश्चिमी विक्षोभ भी नहीं है। इस वजह से मौसम शुष्क बना हुआ है। आसमान भी साफ है, लेकिन आगामी सात नवंबर से एक नया पश्चिम विक्षोभ एक्टिव होकर अंचल को हिट करेगा, उसके बाद मौसम का मिजाज एक बार फिर करवट बदलता दिखाई देगा, सिस्टम के एक्टिव होने से हल्की बंूंदाबांदी होते ही अंचल पूरी तरह से ठंड की जकड़ में दिखाई देगा।