अल्पविराम के उपयोग से करें आंनद की अनुभूति- अखिलेश अर्गल

Oct 21 2022

ग्वालियर। आनंद विभाग मप्र राज्य आनंद संस्थान द्वारा ग्वालियर जिले के 50 आनंदकों के लिये पांच दिवसीय ऑनलाइन अल्पविराम कार्यक्रम भोपाल से जीतेश श्रीवास्तव, ग्वालियर के ट्रेनिग कॉर्डिनेटर विजय कुमार (उपमन्यु) के साथ मास्टर ट्रेनर कौशल किशोर बुटोलिया, दीप्ति उपाध्याय, डॉ. रूपा आनंद आनंदम सहयोगी गजेंद्र सरकार ने विभिन्न आनंद सत्रों का संचालन किया गया। मास्टर ट्रेनर ई. एके शर्मा एवं आनंदम सहयोगी भारती शाक्य, तृप्ति शर्मा, सुनील चोपड़ा द्वारा प्रदत सहयोगी भूमिका का निर्वहन किया गया। 
मप्र राज्य आनन्द संस्थान के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अखिलेश अर्गल ने ग्वालियर आनंदक टीम को जिले के आनंदको के लिए निरंतरता में अल्पविराम आयोजन के लिए हार्दिक बधाई देते हुए अपने उद्बोधन में कहा कि भौतिक सुख संपन्नता जीवन जीने के लिए तो आवश्यक है पर उसका आनंद से प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। आंनद को जानने अनुभव करने हेतु हमें स्वयं के भीतर जाकर ही उसका एहसास करना होगा उनके द्वारा अल्पविराम की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अल्पविराम का प्रयोग हमें आनन्द की अनुभूति की ओर अग्रसर करता है। जरूरी नहीं है कि सफल होने पर ही खुशियां कदम चूमे, संपूर्णता में किए गए प्रयास भी हमें आनन्द देते हैं।
पांच दिवसीय अल्पविराम कार्यक्रम में शांत समय में आत्मपोषण के निमित्त विचारबिंदुओं के साथ आंनद सत्रों के अन्तर्गत आनन्द की ओर, जीवन का लेखा-जोखा, मदद, कृतज्ञता, माफ़ी मांगने, क्षमा करने के संतुलन, चिंता भय को जानकर चिंता के दायरे से समाधान की दिशा को प्राप्त करना एवं फ्रीडम ग्लास तथा मौन की शक्ति पर सत्रों का संचालन हुआ। उक्त अल्पविराम कार्यक्रम ग्वालियर के आनंदकों हेतु स्वयं को जानने, मौन की शक्ति को पहचानने, तनाव से मुक्ति, चिंताओं को नए नजरिए से देखने और आंनद को जीवन में महसूस करने हेतु उपयोगी साबित हुआ। जिसमें सहभागी आनंदको ने अपने अनुभव साझा किये और जीवन में शान्त समय के अभ्यास को अपनाने का संकल्प लिया।