शहीद दिवस पर मेयर ने ली परेड की सलामी, शहीदों को किया नमन

Oct 21 2022

ग्वालियर। कर्तव्य की वेदी पर अपने प्राणों की आहूति देने वाले शहीद जवानों को सलाम करने के लिए सुबह से ही शहीद परेड मैदान में पुलिस के जवान और अफसर पहुंच गए। शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए मातमी धुन पर शस्त्र झुकाए गए और शपथ ली गई कि देश की रक्षा और सुरक्षा के लिए अपने कर्तव्यों से कभी पीछे नहीं हटेंगे।
एसएएफ की 14 वीं बटालियन में शुक्रवार को शहीद दिवस मनाया गया। महापौर डॉ.शोभा सिकरवार ने सुबह एसएएफ की 14 वीं बटालियन पहुंचकर जहां परेड की सलामी ली वहीं दूसरी ओर उन्होंने शहीदों की स्मृति में पज्जवलित शहीद ज्योति को नमन किया। शहीद दिवस के मौके पर शहीदों की विधवाओं का शॉल-श्रीफल प्रदान कर सम्मान किया गया। एडीजी डी श्रीनिवास वर्मा ने शहीदों की विधवाओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पुलिस के आला अधिकारी मौजूद रहे।
पुलिस स्मृति दिवस हर साल 21 अटूबर को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और देशभर के सुरक्षा बलों द्वारा इस दिन देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीर शहीदों को याद किया जाता है। ग्वालियर में स्थित एसएएफ की 13वीं बटालियन के परिसर में बने पुलिसकर्मियों के आवास, जिसका हर ब्लाक शहीद जवानों के नाम पर है। हर लाक को शहीद जवानों का नाम दिया गया है, यहां इनकी वीरता की कहानी को बताने के लिए एक पट्टिका लगाई गई है, जिस पर उनकी शहादत की पूरी कहानी उल्लेखित कर उनके समर्पण और बहादुरी को स्मृति स्वरूप सहेजकर रखा गया है। शहीद पार्क हों या फिर पुलिस आवास के ब्लाक, यह लोगों में देशसेवा का जज्बा जगा रहे हैं।
कर्तव्य की वेदी पर प्राण देने वालों की कमी नहीं : आईजी
शुक्रवार को पुलिस स्मृति दिवस पर एसएएफ बटालियन की 14वीं वाहिनी शहीद परेड मैदान पर देश की रक्षा की खातिर अपनी जान देने वाले शहीद जवानों को सलाम किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आईजी डी श्रीनिवास ने कहा कि देश की रक्षा और सुरक्षा के लिए हम सभी ने इस वर्दी को पहना है। हमारा कर्तव्य है कि पीडि़त की मदद करें और दुश्मनों को उनके अंजाम तक पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ें। देश की रक्षा के लिए जिन लोगों ने अपने प्राणों की आहूति दी है, ऐसे लोगों के प्रति अपनी निष्ठा बनाए रखें। सुबह जैसे ही मातमी धुन बजना शुरू हुई तो परेड में लगे जवानों ने शस्त्र झुका दिए। इसके बाद सभी ने राष्ट्रीय ध्वज के सामने एकता और भाईचारे की शपथ ली। इस मौके पर कर्तव्य ध्वनि के साथ शहीदों को सलाम किया गया और अफसरों व जवानों ने पुष्प अर्पित किए। 
264 हुए इस वर्ष शहीद
शहीद दिवस परेड के दौरान बताया गया कि 21 अक्टूबर 1959 से 31 अगस्त 2022 तक कुल 35359 जवानों और अफसरों ने बलिदान दिया है। इस वर्ष कुल 264 पुलिसकर्मी और अधिकारी भारतवर्ष में शहीद हुए हैं। जिसमें मध्यप्रदेश के 16 जवान और अफसर भी वीरगति को प्राप्त हुए है।
शहीद दिवस पर आयोजित परेड में महापौर डॉ. शोभा सिकरवार, आईजी डी श्रीनिवास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित सांघी, एएसपी मृगांखी डेका, राजेश डंडोतिया, गजेन्द्र सिंह वर्धन, जयराज कुबेर, कमाडेंट 2, 1& व 14 बटालियन सहित अन्य पुलिस अफसर और जवान मौजूद थे। इस मौके पर समाजसेवियों ने पुष्प अर्पित कर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी।
ग्वालियर में एसएएफ की 13वीं बटालियन कंपू क्षेत्र में स्थित है। यहां हाल ही में पुलिसकर्मियों के लिए 1312 नए आवास बनाए गए, जिनका लोकार्पण हुआ। यहां की सबसे बड़ी खासियत है, यहां छह ब्लाक हैं, जिन्हें शहीद जवानों के नाम पर किया गया है।
इसमें से पांच जवानों ने 18 जनवरी 1963 को नागा विद्रोहियों द्वारा रोड प्रोटेशन पार्टी पर 40 किमी माईल स्टोन के पास जिला कोहिमा नागालैंड में घात लगाकर किए गए हमले में शहादत दी थी। जबकि शहीद इंदल सिंह ने 20 अक्टूबर 1960 को कोहिमा जिले के नरीमा ग्राम में नागा विद्रोहियों द्वारा किए गए हमले में दुश्मनों से लड़ते हुए शहादत दी थी। सभी शहीद जवानों की कहानी, यहां पट्टिका में बताई गई है, जिसे पढ़कर लोग देशभक्ति से ओत-प्रोत हो जाते हैं। यह कालोनी किसी माडर्न हाउसिंग सोसायटी से कम नहीं है, सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा गार्ड से लैस कालोनी। यहां गार्डन, ओपन जिम और हर ब्लाक में लिफ्ट है।
इन जवानों के नाम लाक
शहीद इंदल सिंह, शहीद नाथू सिंह, शहीद रतन बहादुर, शहीद रायबली, शहीद नारायण सिंह, शहीद लक्ष्मीनारायण।
शहीदों की याद में पुलिस कालोनी के हर लाक को शहीद के नाम किया गया है। यह हर समय हमें याद दिलाता है, किस तरह हमारे वीर जवान देशसेवा करते हुए आखिरी सांस तक लड़े। अभी बटालियन में और भी कार्य कराए जा रहे हैं, इस संबंध में प्रस्ताव मुयालय को भेजे गए हैं।