गृहमंत्री की सुरक्षा के मद्देनजर भिण्ड की यात्रा 12 किलोमीटर और लंबी हुई

Oct 16 2022

ग्वालियर। राजमाता विजयाराजे सिंधिया एयर टर्मिनल के विस्तार के लिए आ रहे देश के गृहमंत्री अमित शाह की सुरक्षा के मद्देनजर भिण्ड रोड पर भारी वाहनों के लिए यातायात डायवर्ट रखा गया और भिण्ड जाने वाले वाहनों को गोला का मंदिर से सीधे ना जाते हुए पुरानी छावनी के निरावली होकर निकाला गया, जिससे भिण्ड जाने वाला मार्ग रविवार को 12 किलोमीटर लंबा रहा। इसी तरह भिण्ड से आने वाले वाहनों को एमएच चौराहा, सचिन तेंदुलकर मार्ग होकर शहर में प्रवेश दिया गया, जिससे यह मार्ग अन्य दिनों की अपेक्षा लंबा रहा। 
देश के गृहमंत्री अमित शाह रविवार को ग्वालियर दौरे पर थे। उनका आगमन दोपहर तीन बजे हुआ, लेकिन पुलिस ने अपनी  सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम सुबह 6 बजे से ही चाक-चौबंद कर दिए। महाराजपुरा एयरपोर्ट से लेकर जयविलास पैलेस तक तीन कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसलिए इस पूरे रूट पर सुरक्षा के लिए साढ़े तीन हजार जवान तैनात कर दिए गए। इस पूरे रूट को हाई अलर्ट पर रखा गया है और यहां तैनात जवानों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए थे। सुरक्षा व्यवस्था में तैनात सभी जवान अत्याधुनिक हथियारों से लैस थे। 
पांच घंटे पुलिस की परीक्षा
अमित शाह का दोपहर तीन बजे आगमन हुआ और वह रात आठ बजे तक शहर में रहे। इस दौरान यह पांच घंटे पुलिस की परीक्षा के थे और ऐसे में कोई चूक ना होने पाए इसके लिए व्यवस्था बनाए रखने के लिए सैकड़ों अफसर लगातार मॉनीटरिंग करते रहे। वहीं कुछ अफसर और जवान इस तरह तैनात होंगे कि एक कार्यक्रम होने के बाद दूसरे कार्यक्रम में सुरक्षा के लिए पहुंचेंगे, जिससे सुरक्षा के लिए अतिरिक्त बल मिल सके। 
अन्य रास्ते भी किए ब्लॉक
रूट के आस-पास के कुछ रास्ते केन्द्रीय गृहमंत्री के आगमन के दौरान पुलिस बंद करेगी और इन रास्तों से गुजरने वालों को अन्य रास्तों से निकाला गया, जिससे सुरक्षा में किसी तरह की चूक ना होने पाए। गृहमंत्री के शहर से रवाना होने के बाद ही मुख्य रूट के साथ ही प्रतिबंधित रास्तों को खोला गया। 
वैकल्पिक मार्गों पर दोपहर से ही रहा दबाव
दोपहर 11 बजते ही वैकल्पिक मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ता गया, क्योंकि पुलिस ने मुख्य रूट को भारी वाहनों के लिए बंद कर रखा था और दोपहर से ही इन मार्गों पर वाहनों की संख्या बढ़ते ही जाम के हालात बनते दिखे। 
प्वाइंट पर ही मिला नाश्ता
सुबह से लगाए गए बल को उनके प्वाइंट पर ही नाश्ता व खाने के पैकेट पहुंचाए गए और ड्यूटी पर लगाए गए पुलिस अफसर और जवानों को कड़े निर्देश दिए गए थे कि किसी भी हालात में अपना प्वाइंट नहीं छोडऩा है, जिससे किसी भी तरह की चूक ना होने पाए।