साफ पानी से हाथ धोकर कई प्रकार की बीमारियों रोक सकते हैं- डॉ. पाण्डेय

Oct 14 2022

ग्वालियर। कोविड-19 महामारी के दो वर्ष ने सभी लोगों को हाथ की सुरक्षा से स्वास्थ्य की सुरक्षा को अच्छी तरह से सीखा दिया है। हाथ धुलाई का महत्व कोरोना संकटकाल में सभी ने देखा। हमारा हाथ मुँह के साथ सम्पर्क में आकर कई प्रकार की बीमारियों को मानव शरीर में प्रवेशित कर सकता है। हाथ हमेशा साफ पानी से धोकर ही भोजन करने की परंपरा हमारे पूर्वज हमें विरासत में देते हैं। गंदे हाथ से कई बीमारियाँ जो काफी घातक हैं जिनसे बचने के लिये बिना हाथ धोकर भोजन नहीं करना चाहिये। जिसके लिये हम सब अपने अमूल्य जीवन को सुरक्षित रख सकते हैं। यह बात अन्तर्राष्ट्रीय हाथ धुलाई दिवस पर डॉ. रस्तोगी ने कही। माधव महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा महाविद्यालय एवं गोद ग्राम बस्ती में जाकर अन्तर्राष्ट्रीय हाथ धुलाई दिवस का कार्यक्रम किया गया। विश्व हाथ धुलाई कार्यक्रम में डॉ. संजय रस्तोगी, डॉ. मनोज चतुर्वेदी, डॉ. संजय कुमार पाण्डेय, डॉ. विकास शुक्ला उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में छह विभिन्न चरणों के द्वारा हाथ धोने का तरीका बताया गया। 
डॉ. रस्तोगी ने कहा कि हाथ धोने की बात बहुत छोटी है पर इसकी महत्ता बहुत हैं। अब जरूरी है कि हम बच्चों की आदत में इसे शामिल करा सकें। यह चुनौती है और हकबम सबके सामने है। गाँव-गाँव के मजरे-टोलों तक के बच्चों में भोजन से पहले और शौच के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोने की प्रवृत्ति बन सके। इससे इनकी मौतों का सिलसिला रोका जा सकता हैए वहीं बच्चों के स्वास्थ्य में भी इससे गुणात्मक सुधार हो सकता है। 
डॉ. चतुर्वेदी ने बताया कि लोगों में इतनी अधिक गरीबी है कि दो वक्त की रोटी का सवाल ही उनके लिए बहुत बड़ा होता है ऐसे में बच्चे जो भी और जब भी मिल जाता है। उसे ही अपना भाग्य समझकर खाते-पीते रहते हैं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. संजय कुमार पाण्डेय एवं आभार डॉ. विकास शुक्ला ने किया।
जागरूकता कार्यक्रम में डॉ. चंचल अवस्थी, डॉ. प्रशान्त साहू, डॉ. दीप्ति नारंग, डॉ. संजय गुप्ता, डॉ. नीरू बाथम, प्रो. दीपक शिंदे, रासेयो स्वयंसेवक अनिरूद्ध शर्मा, राजीव दोहरे, रितिक घोरपडे, शिवम गोडयाले, लक्ष्मण, आयूष, सुमित रजक, रोहित सिंह तोमर, कार्तिक कुशवाह, साहिल कुशवाह, आशुतोष पालिवाल, जतिन प्रजापति, अमित पाराशर उपस्थित थे।