शुक्रवार सुबह से रिमझिम तो कभी तेज बारिश हुई

Oct 07 2022

ग्वालियर। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवातीय घेरे से शहर का मौसम बदल गया। शुक्रवार को सुबह से बादल छाने से धूप नहीं निकली। कभी रिमझिम तो कभी तेज बारिश से मौसम हुआ सुहाना। मौसम के बदले अंदाज से जहां दीपावली से पहले दीपावली के बाद होने वाली गुलाबी ठंड का अहसास होने लगा वहीं लोगों की दिनचर्या पूरी तरह से बदल गई। लोगों ने देर से विस्तर छोड़े और इसका असर बाजारों और दफ्तरों पर देखने को मिला।
बारिश के चलते बाजारों में दोपहर 11 बजे के बाद चहल-पहल हुई और दफ्तरों में भी इसका असर देखने को मिला अधिकारी-कर्मचारी देर से दफ्तर पहुंचे और मौसम का लुत्फ उठाते नजर आए। कभी रिमझिम तो कभी तेज बारिश से गर्मी से तो राहत मिल गई पर लोगों के सारे काम प्रभावित हो गए। अधिकत तापमान 30 डिसे रिकार्ड हो सकता है। रात में वर्षा हो चुकी है। 
बंगाल की खाड़ी में चक्रवातीय घेरे बने हुए हैं। इन घेरों के चलते हवा में नमी आ रही है। इस वजह से ग्वालियर-चंबल संभाग का मौसम बदला हुआ है। अब तक 10.2 मिमी वर्षा हो चुकी है। गत दिवस हल्की धूप निकली थी, लेकिन गत दिवस सुबह से काली घटाएं छाई रहीं। जिससे सूरज के दर्शन नहीं हुए। धूप नहीं निकलने से अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज हुई। रात जैस मौसम दिन में रहा। उमस बिलकुल नहीं रही। इस कारण लोगों ने गर्मी से राहत की सांस ली।  शहर में बिजली खपत 53 लाख यूनिट तक पहुंच गई थी। अब यह घटकर 42 लाख यूनिट पर आ गई है। एसी व कूलर का लोड घट गया।  
बंगाल की खाड़ी का चक्रवातीय घेरा उत्तर प्रदेश होते हुए हिमालय की तराई में जा रहा है। ग्वालियर-चंबल संभाग इसके दक्षिण हिस्से में है। इस कारण बादल छा रहे हैं। फुहारें बरस रही हैं। यह संभाग के नजदीक आने पर वर्षा में तेजी आएगी।पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है, जिससे अरब सागर से भी नमी आ रही है, जिसके चलते हवा में ठंडक है। आठ अक्टूबर तक वर्षा का मौसम रहेगा। बादल छाए रहेंगे।