दशमी पर माता को विदा करने नाचते-गाते गए भक्त

Oct 05 2022

ग्वालियर। माता की अराधना के लिए चले नवरात्रि पर्व का गत मंगलवार को समापन हो गया। नवमी पर मंदिरों के साथ पंडाल और घरों में हवन हुए। शहर की हर गली हवन सामग्री की खुशबू से महकती रही। जगह-जगह कन्या पूजन के साथ भंडारे कर भक्तों को प्रसादी वितरित की गई। भंडारों का सिलसिला शहर में देर रात तक चलता रहा। 
बुधवार को दशमी पर पंडालों में विराजित माता की प्रतिमाएं, जवारे, पूजन सामग्री को जल में विसर्जित करने के लिए शहर के तालाबों पर सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ लगी हुई है। माता की प्रतिमाएं विसर्जित करने के लिए भक्त जुलूसों के रूप में तालाबों तक नाचते-गाते जा रहे हैं। बैंड की धुनों पर माता के भजन गूंज रहे हैं। उत्साह में डूबे भक्त माता के जयकारे लगाते हुए चल रहे हैं। कोई भक्त हाथों में ध्वजा थामे है तो कोई माथे पर माता की चुनरी बांधे है। रास्ते भर उड़ता गुलाल माहौल को रंगीन बना रहा है। 
तीन घंटे माता के रूप में बैठी रहीं नौ कन्याएं
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की शाखा प्रभु उपहार भवन माधौगंज में चैतन्य नौं देवियों की मनमोहक झांकी सजाई गई। इस झांकी में शामिल बच्चे तीन घंटे तक माता के रूप में एक ही मुद्रा में बैठे रहे। इस दौरान प्रिंसेस (शीतला मां), चैतन्य (लक्ष्मी मां), दृष्टि (दुर्गा मां), प्रिया (मीनाक्षी मां), रितिका (संतोषी मां), भूमि (उमा देवी मां), दिव्यांशी (काली मां), सुरभि (गंगा मैया), कनक ने सरस्वती मैया का रूप रखकर मन मोहा। इस अवसर पर बीके महिमा, कविता पमनानी, अशोक पमनानी, एकता रुघवानी, विजेंद्र, पवन , केशव, रोशनी, आरती पूर्वी, तन्वी, मोहिनी आदि उपस्थित थे। 
गोताखोर हैं तैनात
माता के भक्तों की सुरक्षा को देखते हुए सागरताल पर नगर निगम द्वारा गोताखोरों की तैनाती की गई है। साथ ही यहां पर तैनात कर्मचारी किसी भी भक्त को पानी के आस-पास नहीं जाने दे रहे हैं। माता की प्रतिमाएं और अन्य सामग्री विसर्जित करने के लिए युवाओं की टोलियां यहां पर कल से ही तैनात हैं।
युवाओं की टोलियां ट्यूब की नावों पर माता की प्रतिमाएं रखकर तालाब के बीचों-बीच जाकर विसर्जित कर रही हैं।