मां काली के दरबार में जो भी भक्त आया, खाली हाथ नहीं लौटा

Oct 04 2022

ग्वालियर। मंदिर में लगते हुए जय माता दी के जयकारे और भक्तों की भीड़ यहां के महत्व को प्रकट करती है। पुराना हाईकोर्ट के पास स्थित काली माता मंदिर से लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। इस मंदिर की मान्यता है कि अपने कष्टों के निवारण के लिए यहां प्रार्थना करने वाले भक्तों को मां कभी निराश नहीं करतीं। 
करीब तीन सौ वर्ष पुराने इस मंदिर में काली मां के साथ ही हनुमानजी की प्रतिमा भी स्थापित है। काली मां की प्रतिमा की लंबाई ढाई फुट के करीब है। इसकी स्थापना गोविंद कुशवाह द्वारा कराई गई थी। ओल्ड हाईकोर्ट क्षेत्र में रहने वाले लोगों के दिन की शुरुआत मंदिर में दर्शन के साथ ही होती है। शाम के समय होने वाली आरती में लोगों की भीड़ देखी जा सकती है।
मंदिर में सबसे अधिक भक्तों की भीड़ सोमवार और शुक्रवार को रहती है। यहां दूर-दूर से भक्तजन दर्शन के लिए आते हैं। शाम के समय काली माता और हनुमानजी की आरती की जाती है। अपनी मनोकामना पूरी होने पर लोग यहां हलवा-पूड़ी का भोग अर्पण करने आते हैं। नवरात्रि में होते हैं आयोजन नवरात्रों में विभिन्न आयोजन किए जाते हैं। इनमें महाआरती, भंडारा, दुर्गा सप्तशती पाठ समेत अन्य कार्यक्रम होते हैं। उत्सव के लिए मां का श्रृंगार किया जाता है। वहीं मंदिर को आकर्षक लाइटों से सजाया जाता है। दूर होते हैं कष्ट स्थानीय लोगों की मानें तो सालों से यह मंदिर उनके लिए आस्था का विशेष केंद्र बना हुआ है।