पुलिस और क्राइम ब्रांच को ऑपरेशन शक्ति के तहत रेड लाइट एरिया बदनापुर गांव में 10 से 16 साल की 6 बच्चियां मिलीं, पुलिस ने दो युवकों को उठाया

Oct 02 2022

ग्वालियर। ऑपरेशन शक्ति के तहत रविवार की तड़के करीब चार बजे पुलिस ने बदनाम रेड लाइट एरिया में ऑपरेशन शक्ति चलाया। बदनापुर गांव मुरैना-ग्वालियर बॉर्डर पर शहर के पुरानी छावनी इलाके में है। 
ऑपरेशन शक्ति में पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमों ने पूरे इलाके को घेरकर सील किया, इसके बाद यहां पर हर घर की तलाशी ली। तलाशी में पुलिस को छह नाबालिग मिली। जिन पर पुलिस को शंका है कि यह बच्ची खरीदफरोख्त का शिकार हो सकती है। इन नाबालिग के माता-पिता कौन है, इसका पता लगाने के लिए टीम इनकों थाने ले गई है। वहीं तीन बच्चियों की मार्कशीट मिली है, जिस पर नोटिस देकर नाबालिगों को उनके सुपुर्द किया है और तीन नाबालिग का कोई दस्तावेज नहीं मिलने पर निगरानी में लिया है। पुलिस ने यहां से कुछ महिलाओं तथा एक युवक को भी निगरानी में लिया है। 
एएसपी मृगांखी डेका व डीएसपी क्राइम ऋषिकेश मीणा ने बताया कि सूचना मिली थी कि एक बच्ची खरीदफरोख्त होकर बदनापुरा में पहुंची है। इसका पता चलते ही सीएसपी रवि भदौरिया व टीआई क्राइम दामोदर गुप्ता, पुरानी छावनी सुधीर कुशवाह, हजीरा थाना प्रभारी संतोष सिंह भदौरिया, बहोड़ापुर टीआई संतोष सिंह यादव के साथ ही क्राइम ब्रांच व करीब एक सैकड़ा जवानों तथा महिला थाना प्रभारी व चार एसआई की टीम को कार्रवाई के लिए पहुंचाया। 
बदनापुरा में सर्च अभियान में किसी तरह की चूक ना हो इसके लिए सबसे पहले अफसरों ने पूरा गांव का घेरा कसा और उसके बाद एक-एक घर की तलाशी लेना शुरू किया। पहले यहां पर रहने वालों ने विरोध करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस के तेवर व संख्या को देखते ही उनकी बोलती बंद हो गई और इसके बाद पुलिस ने एक बार शुरू किया अभियान बगैर किसी रोक के चलता रहा। बदनापुरा के चार घरों से पुलिस ने 6 नाबलिग बच्चियों को बरामद किया है। जिनकी उम्र 10 से 16 वर्ष है। इसके साथ ही एक युवक को भी गिरफ्तार किया है। जबकि एक युवक पुलिस के हाथ से निकल गया है। इसके साथ ही इन घरों से बच्चियां बरामद हुआ है, वहां से चार महिलाओं को भी पूछताछ के लिए लाया गया है। 
पुलिस अफसरों ने लाई गई बच्चियों की जानकारी के लिए दस्तावेज मांगे तो तीन बच्चियों के दस्तावेज तो मिले है, लेकिन तीन बच्चियों का कोई भी दस्तावेज या जानकारी नहीं मिलने पर इन तीनों को निगरानी में लेकर चाइल्ड लाइन को सौंपा जाएगा। जिससे इनकी जानकारी मिल सके।
लड़कियों की खरीद-फरोख्त के लिए बदनाम बदनापुरा, राजस्थान और बंगाल तक फैला नेटवर्क
ग्वालियर-मुरैना बॉर्डर पर बसा यह गांव हमेशा से नाबालिग लड़कियों की खरीद-फरोख्त के लिए बदनाम रहा है। यहां बेडिय़ा जनजाति के लोग रहते हैं। शहर या आसपास के शहरों से गायब लड़कियां कई बार यहां मिली हैं। कई बार यहां की लड़कियों को राजस्थान और दूसरे पड़ोसी राज्यों में बेचने के मामले सामने आ चुके हैं। मूलरूप से यहां के लोगों का नेटवर्क राजस्थान से जुड़ा है। वहां बेडिय़ा समाज के लोग काफी संख्या में हैं। यहां से पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी और बांग्लादेश बॉर्डर तक लड़कियों को बेचने की बातें सामने आ चुकी हैं।
पुलिस अफसरों का कहना है कि हाल ही में एक नकली दस्तावेज बनाने वाला पकड़ा है और उससे पूछताछ में खुलासा हुआ है कि बदनापुरा में कई फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बने हैं और कुछ नकली जन्म प्रमाण-पत्र क्राइम ब्रांच के हाथ लगे हैं। पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम इसकी पड़ताल में लगी हुई है।
इस बारे में एसएसपी अमित सांघी ने कहा कि पुलिस ने बदनापुरा में ऑपरेशन शक्ति चलाया और 10 से 16 साल की 6 लड़कियां संदिग्ध मिली थीं। तीन संदिग्ध बालिका मिली है। जिनकी जानकारी जुटाई जा रही है। कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले है, जिनकी तस्दीक की जा रही है।