तलवार की कीमत होती है धार से, अच्छे इंसान की कीमत होती है सद्व्यवहार से-मुनिश्री

Sep 29 2022

ग्वालियर। जीवन ऐसे जियो कि जहां रहो सब आपको प्यार करें, जहां से आप जाओ पीछे सब आपको याद करें और आप जहां जा रहे हो वहां पर सब आपका इंतजार करें। तलवार की कीमत होती है धार से, पर अच्छे इंसान की कीमत होती है सद्व्यवहार से। सद्व्यवहार करने वाला कभी नहीं मरता क्योंकि वह लोगों के दिलों में युगो युगो तक जीवित रहता है। यह विचार श्रमण मुनिश्री विनय सागर महाराज ने गुरुवार को गुडग़ुड़ी का नाके पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
मुनिश्री ने कहा कि गॉड बनना या डॉग यह हम पर निर्भर है। जो अच्छे व्यवहार करते हैं वे गॉड बन जाते हैं और जो बुरा व्यवहार करते हैं वे डॉग जैसे रह जाते हैं। जहां सुंदर चेहरा 2 मिनट याद रहता है वहीं सुंदर व्यवहार औरों को जीवन भर याद रहता है। हम हाथ उठा कर दो लोगों का दिल भी जीत नहीं सकते पर हाथ जोडकर लाखों लोगों का दिल जीत सकते हैं। याद रखें, श्रेष्ठ बनने का एक ही मंत्र है अच्छे और सफल लोगों की संगति करो।
मुनिश्री ने कहा कि परमात्मा आपके भीतर बैठा है। लेकिन आप बाहर खोज रहे है। क्रोध, माया, मोह को हटाते जाओं परमात्मा तुम्हारे भीतर से प्रकट होगा। बुद्धि हमेशा साफ रखो। परमात्मा जिसको देता है बुद्धि हर लेता है। हर पत्थर भगवान बन सकता है लेकिन उसके लिए प्रतिष्ठा और पूजा करने वाला चाहिए। हर शब्द शास्त्र बन सकता है बस लिखने वाला चाहिए। बुद्धिमान लोगों को सचेत करते हुए कहा कि बुद्धि में जब तक भोलापन है तब तक आप श्रेष्ठ है। जिस दिन बुद्धि में भोलापन दूर हुआ उसी दिन से तुम्हे तिकडमबाज कहा जाने लगेगा।
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया की माधवगंज स्थित चातुर्मास स्थल आशियाना भवन में विश्व में सुख, शांति और समृद्धि की कामना के साथ 48 दीपकों द्वारा ऋद्धि मंत्रो से युक्त संगीतमय भक्तामर स्तोत्र अनुष्ठान में भक्तामर पाठ में भक्तिमय स्वरो के साथ साथ समाज लोगो ने सामूहिक रूप् से भक्तामर माढने पर भक्तामर के 48 महाकाव्यों दोहे का वाचन डॉ ज्योतिषाचार्य हुकुमचंद जैन कर एक एक कर 48 दीपको के साथ ऋद्धि सिद्धी मंत्रो उच्चारणो के साथ प्रज्वलित कर समर्पित किए गये। वही समाज के लोगो ने भजनों की भक्ति नृत्य करते हुए 48 दीपकों से भगवान आदिनाथ की महाआरती की गई।