कराटे चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर ग्वालियर लौटी निहारिका का भव्य स्वागत

Sep 29 2022

ग्वालियर। कराते की दुनिया में आयरन गर्ल के नाम से पहचानी जाने वाली ग्वालियर की निहारिका कौरव ने कॉमनवेल्थ कराते चेम्पियनशिप में कांस्य पदक जीत लिया है। लंदन में आयोजित चेम्पियनशिप में निहारिका ने दुनिया की बेहतरीन करातेबाजों को पीछे छोड़ते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीता। ग्वालियर लौटने पर लोगों ने निहारिका का जोरदार स्वागत किया। वो अब तक इंडोनेशिया, इजिप्ट, इंग्लैंड, टर्की सहित अन्य देशों में 9 इंटरनेशनल स्पर्धाओं में खेल कर भारत के लिए 5 गोल्ड सहित 6 मेडल जीत चुकी हैं।
निहारिका ब्रॉन्ज पदक जीतने के बाद गुरुवार को ग्वालियर लौटी हैं। रेलवे स्टेशन पर पहुंचते ही परिजनों और खिलाडिय़ों ने निहारिका का भव्य स्वागत किया। रेलवे स्टेशन से लेकर घर तक निहारिका का रैली के रूप में जश्न मनाते हुए लेकर गए। निहारिका ने लंदन में दक्षिण अफ्रीका नीदरलैंड और आस्ट्रेलिया को पराजित कर यह कमाल किया है।
खुद की हिफाज़त के मकसद से कराते सीखने वाली निहारिका साल 2011 से एमपी कराते चैंपियन हैं। 23 साल की निहारिका अपनी उम्र से 10 गुना मेडल जीत चुकी हैं। अब तक इंडोनेशिया, इजिप्ट, इंग्लैंड, टर्की सहित अन्य देशों में 9 इंटरनेशनल स्पर्धाओं में खेल चुकी निहारिका भारत के लिए 5 गोल्ड सहित 6 मेडल जीत चुकी हैं। इंटनेशनल लेवल तक पहुंचने के लिए कड़ी मशक्कत के साथ ही वो समाज के तानों उलाहनों का भी सामना करना पड़ा। लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और आखिर में भारत के लिए 5 गोल्ड मेडल जीतकर अपनी काबिलियत साबित कर दी।
जो लोग कल ताना देते थे वो आज वो अपनी बेटियों को निहारिका की तरह बनने की सलाह देते हैं। निहारिका अब ग्वालियर की आयरन गर्ल के नाम से मशहूर हो गई है।
बेटी के स्वागत में उमड़े लोग
इंग्लैंड के लंदन में हुई कॉमनवेल्थ कराते चेम्पियनशिप में ग्वालियर की निहारिका कौरव ने भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीता है। निहारिका ने इंग्लैंड के बाद टर्की में आयोजित वल्र्ड सीरीज में भी भाग लिया। इसमें भी निहारिका ने बेहतर परफॉर्म किया। गुरूवार को लंदन से ग्वालियर लौटने पर निहारिका का जोरदार स्वागत किया गया। रेलवे स्टेशन पर खेलप्रेमियों ने निहारिका को गदा भेंट किया और फूलमालाओं से लाद दिया। मीडिया से बात करते हुए निहारिका ने कहा वो अब एशियन चेम्पियनशिप के लिए तैयारी में जुट जाएंगी। निहारिका का कहना है नवंबर में होने वाली ऐशियन चेम्पियनशिप में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतना उसका सपना है।
अपनी बेटी की कामयाबी पर निहारिका के पिता बेहद खुश हैं। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि कल तक जो ग्वालियर चंबल अंचल बेटियों को लेकर एक अलग सोच रखता था आज वही चंबल अंचल की बेटियां हर खेल में बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। हमें बेहद खुशी है कि हमारी बेटी निहारिका ने कांस्य पदक जीतकर ग्वालियर चंबल अंचल के साथ-साथ मध्यप्रदेश नाम रोशन किया है।