कैंसर केयर का मिशन लॉन्च

Sep 26 2022

ग्वालियर। कैंसर की जल्दी जांच ही इसका बचाव है, इस बाबत जगरूकता हेतु कैंसर हॉस्पिटल एवं रिसर्च इंस्टीट्यूट,ग्वालियर द्वारा शहर की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के साथ एक दीर्घकालिन मिशन "कॉर्डिनेटिंग कैंसर केयर" अक्टूबर माह से जो "ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता माह" प्रारंभ करने जा रहा है।
कैंसर हॉस्पिटल एवं रिसर्च इंस्टीट्यूट के निर्देशक डॉक्टर बीआर श्रीवास्तव ने प्रेसवार्ता मेें बताया किकैंसर एक बढ़ती महामारी हैं सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एव प्रीवेंशन के अनुसार 2020 में हुई मृत्यु के कारणों में कैंसर दूसरे ही स्थान पर पर था जबकि कोविंद-19 कैंसर के पीछे तीसरे स्थान पर था आईसीएमआर द्वारा संचालित हमारे देश की स्वयं की रजिस्ट्री भी इसी  निराशा जनक स्थिति को दर्शाती हैं। रजिस्ट्री डाटा के अनुसार देश की राजधानी दिल्ली में 6 से हर एक पुरुष और 7 में से हर एक महिला कैंसर से पीडि़त होंगे। 
डॉक्टर गुंजन श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि पुरुषों में मुंह का कैंसर और फेफड़ों का कैंसर सबसे अधिक पाया जाता है आज की तारीख में यह चारों कैंसर की बहुत सरल जांचे उपलब्ध हैं, स्कीनरी का अर्थ है बिना तकलीफ के जांच करवाना 35 वर्ष के ऊपर सभी महिलाओं को वार्षिक मेमोग्राफी करवानी चाहिए 30 वर्ष के उपरांत 543 में एक बार हर महिला को पैंप- समीर नामक जांच करवाना चाहिए। यह जांच आयुष्मान योजना में भी उपलब्ध हैं। जो लोग तंबाकू/बीड़ी सिगरेट का सेवन करते हैं। 50 वर्ष कि आयु के बाद सिटी स्कैन करवाना चाहिए। मुंह में अगर कहीं भी सफेद या लाल परत जमीं हो, या मुंह का खुलना कम हो, या कोई छाला या गठान हो तो अपने निकटम डॉक्टर से मिलकर उसकी जांच करवाना चाहिए यह सब सरल उपाय से कैंसर को प्रारिम्भक स्टेज में पकड़ा जा सकता है और बीमारी को शरीर से जड़ से समाप्त किया जा सकता है।
चेम्बर के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ चार्टेड अककॉउंट जीडी लड्डा ने बताया कि इस वर्ष जन विकास न्यास के 50 वी वर्ष संपूर्ण होने पर कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट ग्वालियर द्वारा कॉर्डिनेटिंग कैंसर केयर का मिशन लॉन्च किया जा रहा है।
आज भी केवल एक तिहाई से कम मरीज कैंसर की प्रारम्भिक स्टेज में डॉक्टर के पास जाते है फेफड़ों के कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से पीडि़त आधे से ज्यादा मरीज स्टेज 4 में ही अस्पताल पहुंचते हैं। इलाज में देरी बीमारी को हावी होने का मौका देती हैं। इससे मरीज की तकलीफ बढ़ती है एवं इलाज का खर्चा बढ़ता है और इलाज भी अक्सर फिर असफल हो जाता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि सही समय रहते बीमारी का पूर्ण इलाज होना अति आवश्यक है।
सभी समाज सेवी संस्थाओं की मदद से इस मिशन के माध्यम से मध्य प्रदेश शहर में कैंसर के प्रति जागरूकता, शुरूआती लक्षण को पहचानना और शीघ्र सही इलाज लेना इसका महा अभियान शुरू किया जा रहा है इसके अंतर्गत चरी ग्वालियर में पिंक बुथ बनाया जाएगा। जहां हर महिला सस्ते में मेमोग्राफ़ी करवा सकती है। संस्था स्कूल और कॉलेजों में जाकर छात्र एव विशेष रूप से छात्रायो को कैंसर के लक्षण तथा उससे निपटने के तरीको से वाकिफ करवाया जाएगा। शहर और गांव में जाकर कैप आयोजित किए जाएंगे। जहां स्वस्थ और पीडि़त लोगों का डॉक्टरों द्वारा निरीक्षण किया जाएगा।
हमारा प्रयत्न्य उन लोगों तक पहुंचना है जो कि इलाज या जांच से वंचित रह जाते हैं अत: कैंसर स्क्रीनिंग वैन की शुरुआत की जावेगी जो साल भर भ्रमण कर शहर और गांव की जनता तक उच्च डॉक्टरों की सेवाएं उपलब्ध करवाई जायेगी अक्टूबर में शुरू किया जाने वाला प्रयास पूरे साल चलेगा।
लोगो जागरूक करने हेतु संस्था के नर्सिंग के छात्रों द्वारा नुक्कड़ नाटक भी तैयार किये जिसका प्रदर्शन वह नगर के विभिन्न चोराहे, मॉल, स्कूल एवं कॉलेज आदि जगह पर करेंगे।
प्रेसवार्ता मेें डॉक्टर श्रीमती श्रीवास्तव, डॉक्टर गुंजन श्रीवास्तव, श्रीमती अंजलि गुप्ता बत्रा, संजय भार्गव, अनुपम तिवारी, डॉ राहुल सप्रा, डॉ प्रकाश लोहिया आदि उपस्थित थे।