पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह को मिली ग्वालियर कोर्ट से सशर्त जमानत मिली

Sep 24 2022

ग्वालियर। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह शनिवार को ग्वालियर कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने अपने बयान में कहा था कि आरएसएस पाकिस्तान की एजेंसी आईएसआई से पैसे लेकर भारत की जासूसी कराता है। इसी स्टेटमेंट पर मानहानि के मामले में उनकी पेशी थी। कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी। कोर्ट से बाहर आकर दिग्विजय सिंह ने कहा- जो संस्था रजिस्टर्ड ही नहीं है, जिसकी कोई मेंबरशिप ही नहीं है और अकाउंट भी नहीं है, उसकी मानहानि कैसी। ऐसे केस मुझ पर पहले भी लगाए जाते रहे हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह शनिवार सुबह श्रीराम एक्सप्रेस से जबलपुर से ग्वालियर पहुंचे थे। सेशन कोर्ट में अपने ही एक बयान पर मानहानि के केस में हाजिर हुए। 31 अगस्त 2019 को भिंड प्रवास के दौरान दिग्विजय सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए आरएसएस, बजरंग दल और भाजपा के कार्यकर्ताओं पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से पैसे लेकर जासूसी करने का आरोप लगाया था। इस मामले में ग्वालियर के अधिवक्ता अवधेश सिंह भदोरिया ने 2 सितंबर 2019 को पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ मानहानि का केस किया था। इसी मामले में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह कोर्ट में हाजिर हुए थे।
पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह को ग्वालियर के जिला एवं सत्र न्यायालय से जमानत मिल गई। आरएसएस के खिलाफ एक बयान को लेकर दिग्विजय सिंह पर मानहानि केस के मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था। इसकी जमानत को लेकर दिग्विजय सिंह ग्वालियर के जिला एवं सत्र न्यायालय में सुबह 11 बजे सप्तम व्यवहार न्यायाधीश महेंद्र सैनी की अदालत में पेश हुए। 
जेएमएफसी कोर्ट ने दिग्विजय सिंह के विरुद्ध पहले सम्मन भेजा और बाद में भारतीय दंड विधान की धारा के तहत आरोपी बनाया था। इस मामले में दिग्विजय सिंह को 2 से 3 साल की सजा भी हो सकती थी लेकिन अदालत में पेश होने के बाद दिग्विजय सिंह और उनके वकीलों ने न्यायाधीश महेंद्र सैनी के सामने पैरवी करते हुए कहा कि जो संस्था रजिस्टर्ड नहीं है जिसके सदस्य नहीं बनते और ना ही संस्था का कोई बैंक अकाउंट है उसकी मानहानि कैसे हो सकती है। इस आधार पर दिग्विजय सिंह को 50 हजार की स्थाई जमानत राशि पर अदालत ने जमानत दे दी। इस मामले में अगली सुनवाई 22 नवंबर को होगी।
पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने बिना किसी का नाम लिए हुए कहा कि जो संस्था रजिस्टर्ड नहीं है, जिसकी कोई मेंबर शिप नहीं है और न ही संस्था का अकाउंट है, फिर उसकी मानहानि कैसे हो सकती है। यदि कोई पढ़ा लिखा आदमी है, तो वह यह बात समझ सकता है।