विकलांगजनों का उपकरण वितरित के नाम पर आर्थिक मानसिक एवं शारीरिक शोषण-जौहरी

Sep 18 2022

ग्वालियर। बाल भवन में विगत रोज विकलांगजनों से संबन्धित उपकरण वितरित कीए जाने हेतू केंप का आयोजन नगर निगम जनकल्याण विभाग, सामाजिक न्याय विभाग एवं विकलांग पुनर्वास केंद्र के सहयोग से आयोजित किया गया था। जिसमें अव्यवस्थाओं के चलते आयोजित केंप में पहुंचने बाले विकलांगजनों के परेशान होने की सूचना पाकर शहर जिला कांग्रेस विकलांग कल्याण प्रकोष्ठ के जिला संयोजक अनूप जौहरी उक्त केंप में पहुंचे तब कुछ विकलांग जनों ने जौहरी को अपनी परे शानियो से अवगत कराया। 
इससे सम्बन्धित कर्मचारियो ने कुछ ऐसे विकलांगजनों को भी भीड़ जुटाने के लिए एक दिन पहले यह कहकर फोन करके सूचना दी गई कि बाल भवन में होने बाले केंप में अपने दस्ता वेज लेकर दोपहर ग्यारह बजे आना हे आपको बेटरी चलित ट्राई स्किल दी जाएगी। जबकि जिनके नाम आयोजित केंप में किसी भी उपकरण की सूची में सामाजिक न्याय विभाग द्वारा जनकल्याण विभाग एवं विकलांग पुनर्वास केंद्र को भेजी गई सूची में नाम ही नहीं थे। और दोपहर ग्यारह वजे से शाम पांच बजे तक विकलांग भूखे प्यासे इधर उधर परेशान होते रहे। 
उनकी पीडा सुनने की न ही किसी अधिकारी और ना हीं किसी कर्मचारियो को फुर्सत थी और उन्हें खाली हाथ वापस वेरिंग अपने घर जाना पडा कुछ ग्रामीण क्षेत्र से आए विकलांग जनों ने अपनी पीड़ा से जौहरी को अवगत कराया जिनकी पीड़ा उनकी मूंह जवानी जौहरी ने जव सामाजिक न्याय विभाग की संयुक्त संचालक शौभा शर्मा को उन दोनों विकलांगजनों की पीड़ा से अवगत कराया कि इन दोनों को वेटरी बाली ट्राई स्किल दीए जाने के लिए फोन किया गया था। केंप में आकर पता चला कि उनका नाम किसी भी उपकरण की सूची में नहीं हे उनकी पीड़ा को देखते हूऐ तव जाकर संयुक्त संचालक महोदया के प्रयास से उन्हें सादा ट्राईस्किल देकर संतुष्ट करना पड़ा। और बेट्री बाली ट्राईस्किल का आगे के लिए नवीन रजिस्ट्रेशन कराया गया। जौहरी ने आरोप लगाते हूऐ कहा कि इस तरह से विकलांगजनों को उपकरण दीए जाने के नाम पर विकलांगजनों का आर्थिक मानसिक एवं शारीरिक शोषण कीए जाने की शासन ऐवं जिला प्रशासन की प्रथा सी वन गई है। जिसकी जितनी भी निंदा की जाए उतनी ही कम हे।