आंनदक टीम द्वारा अन्तर्मन से संवाद संगोष्ठी का किया आयोजन

Sep 15 2022

ग्वालियर। मप्र राज्य आनंद संस्थान (आनन्द विभाग) द्वारा निर्देशित विश्व आत्महत्या निषेध दिवस के उपलक्ष्य में जिला-ग्वालियर की आनन्दक टीम द्वारा सकारात्मकता के साथ जागरूकता के निहित प्रेरक उद्देश्य से आत्महत्या निषेध दिवस पर जागरूकता हेतु "अन्तर्मन से संवाद" विषय शीर्षक के साथ ऑनलाइन संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
 कार्यक्रम के शुभारंभ में आनंदम सहयोगी भारती शाक्य द्वारा "तेरी पनाह में हमें रखना" प्रार्थना प्रस्तुत की गई। उसके पश्चात जिले के डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम लीडर (आनन्द) विजय कुमार उपमन्यु द्वारा विश्व आत्महत्या निषेध दिवस से जुड़े तथ्य, विश्व में आत्महत्या के आंकड़े एवं पृष्ठभूमि के साथ बचाव हेतु मनोवैज्ञानिक तथ्यों पर प्रकाश डाला। 
संगोष्ठी के प्रमुख संचालन में अतिथि वक्ता भोपाल से राज्य आनन्द संस्थान के मास्टर ट्रेनर डॉ. नीलेश आर्य द्वारा आत्महत्या के निषेध मे अंतर्मन से संवाद को महत्वपूर्ण बताते हुये आत्महत्या की प्रवृति के क्षेत्र एवं भिन्न कारणों पर प्रकाश डाला तथा वर्तमान में जीने को महत्व देते हुए, देने की भावना तथा प्रेम का महत्व बताते हुए समाधान हेतु मार्गदर्शन एवं उदाहरण के साथ चर्चा की।
संगोष्ठी संचालन में जिला आंनदक  टीम के प्रतिनिधि वक्ता आनंदम सहयोगी गजेंद्र सरकार दारा आत्महत्या के कारणों में अस्वीकार, इच्छा, कामना, प्रतिस्पर्धा, नशा इत्यादि कारणों का विस्तृत उल्लेख करते हुये समाधान पर बिंदुवार चर्चा की। आनंदम सहयोगी सुनील चोपड़ा  द्वारा आत्महत्या की मानसिकता तक ले जाने में आत्मशक्ति की कमी व सहनशक्ति की कमी को मुख्य आधार बताया गया। आनन्दक रत्न सरभाई द्वारा आत्महत्या के कारणों में पारिवारिक क्लेश, आर्थिक संकट, टीनएजर्स के अफेयर्स की असफलता, एंजाइटी, नसे की आदत, शिक्षा में असफलता, क्रोध इत्यादि को मुख्य कारण बताया।
आनंदम सहयोगी प्रतिभा शर्मा द्वारा बताया कि प्रकृति के करीब जीवन यापन करने वाले एवं जो लोग आध्यत्म, योग, दर्शन को जीवन में महत्व देते है वो कभी आत्महत्या को जीवन मे स्थान नही देते, इस तथ्य पर विचार रखे। आनन्दक डॉ. श्याम सिंह द्वारा योग की दृष्टि से आत्महत्या का मुख्य कारण आत्मपतन बताया एवं योग मार्ग पर चलकर पंच क्लेश से बाहर आकर इससे मुक्त होने का मार्ग बताया।