द आरोग्यम हास्पिटल का प्रबंधन निजी भवन में मरीजों को दे रहा था उपचार स्वास्थ्य विभाग ने छापेमार कार्रवाई की

Sep 12 2022

ग्वालियर। थाटीपुर में स्थित द आरोग्य मल्टीस्पेशियलिटी हास्पिटल प्रबंधन द्वारा मरीजों को निजी भवन में लिटाकर उपचार देने की शिकायत पर सोमवार को स्वास्थ्य विभाग ने छापेमार कार्रवाई की।
निजी भवन पर ताला डला हुआ मिला जिसे स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने खुलवाकर देखा तो वहां पर मरीज तो नहीं मिले पर बेड व उपचार देने के सभी साधन उपलब्ध थे। मरीज को आक्सीजन देने वाली लाइन तक निजी भवन में डली हुई थी। जबकि द आरोग्यम हास्पिटल जिस भवन में खुला है उससे यह निजी भवन 50 मीटर दूर है और इस भवन के नाम पर स्वास्थ्य विभाग में पंजीयन भी नहीं था। टीम ने द आरोग्यम अस्पताल के मुख्य भवन जिसमें अस्पताल संचालित हो रहा है उसका भी निरीक्षण किया तो वहां पर भी तमाम खामियां उजागर हुई हैं।
द आरोग्यम सुपर स्पेशियलिटी हास्पिटल सौ से अधिक बेड के लिए पंजीकृत है। पर अस्पताल में इतने बेड मौजूद ही नहीं है। गजब की बात तो यह है कि अस्पताल में मरीजों की संख्या करीब 20 होगी लेकिन डाक्टरों की संख्या बेड के मुताबिक उपलब्ध नहीं थी। जबकि स्वास्थ्य विभाग के पास कागजों में डाक्टरों की संख्या दस अधिक दर्शाई गई है। 
स्वास्थ्य विभाग को छापेमार कार्रवाई में यह खामियां भी उजागर हुईं।
दा आरोग्यम अस्पताल 100 से अधिक बेड के लिए पंजीकृत है लेकिन अस्पताल में 30 बेड पड़े मिले। प्रशीक्षित स्टाफ नहीं मिला। ड्यूटी पर एक ही डाक्टर मौजूद मिला। जबकि दस बेड पर एक डाक्टर की आवश्यकता होती है। आइसीयू व वार्ड में गंदगी मिली। फायर सेफ्टी के नाम पर दो सिलिंडर लगा रखे थे। इलेक्ट्रीकल की एनओसी नहीं दिखा सके।
इस बारे में सीएमएचओ डा मनीष शर्मा ने बताया कि शिकायत मिली थी कि द आरोग्यम मल्टी स्पेशियलिटी संचालक द्वारा अस्पताल से थोड़ी दूर एक निजी भवन ले रखा है जिसमें मरीजों को भर्ती कर उपचार देते हैं। जबकि इस तरह के किसी भवन की सूचना स्वास्थ्य विभाग को कभी नहीं दी गई। जब टीम को भेजकर जांच कराई गई तो एक भवन में मरीज को भर्ती करने संबंधी उपकरण उपलब्ध मिले हैं,अस्पताल में भी तमाम खामियां मिली है। इस पर नोटिस देकर जबाव मांगा है यदि जबाव संतुष्टीपूर्ण नहीं हुआ तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।