गणेश जीचल समारोह के साथ पहुंचे सागरताल, कर रहे प्रतिमाओं का विसर्जन

Sep 09 2022

ग्वालियर। गणेश महोत्सव का शुक्रवार को अंतिम दिन था। शुक्रवार सुबह से ही सागरताल सहित विभिन्न जलाशयों पर प्रतिमाएं विसर्जन करने के लिए भक्तों की भीड़ लगी हुई है। वहीं नगर निगम द्वारा प्रतिमा विसर्जित करने के लिए तीन स्थानों पर चलित जलाशय का इंतजाम किया गया है। शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी पर भक्तों में भारी उत्साह है। दो साल बाद भक्तों ने बैंड-बाजे और ढोल-नगाड़ों की धुन पर धूमधाम के साथ प्रतिमा विसर्जन चल समारोह निकाले। 
इसको लेकर सुबह से ही पुलिस प्रशासन अलर्ट था। शहर में हर ओर चल समारोहों की गूंज सुनाई दे रही थी। भगवान गणेश के भजन, मंदिरों में बज रहे घंटे घडिय़ाल राहगीरों के मन को आनंदित कर रहे थे। 
सागरताल पर गणेश प्रतिमा विसर्जित करने के लिए नगर निगम के कर्मचारियों को तैनात किया गया है। युवाओं की टोलियां ट्यूबों को नाव बनाकर प्रतिमा विसर्जित करने में लगी हुई हैं। वह श्रद्धालुओं से भेंट लेकर प्रतिमाएं विसर्जित करने में तीन दिन से लगे हुए हैं। प्रतिमा विसर्जित करने से पूर्व भक्तों ने सागरताल के पास गणेश जी का पूजन किया और सुख-समृद्धि की कामना की।
सागरताल पर तैनात रहे पुलिसकर्मी
श्रीजी की प्रतिमा विसर्जन के दौरान कोई घटना घटित न हो जाए इसके लिए पुलिस का कड़ा पहरा जलाशयों पर लगा हुआ था। सागरताल पर पुलिस तैनात थी और प्रतिमा विसर्जन करने वालों की सुरक्षा में लगी थी। पुलिस अफसर विधि-विधान के साथ गोताखोरों की मदद से गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन करा रहे थे।और पानी में जाने से श्रद्धालुओं को रोक रहे थे। गोताखोर प्रतिमाएं लेकर पानी के बीचों बीच विसर्जित कर रहे थे।
प्रतिमा विसर्जन के लिए लगी होड़
अनंत चतुर्दशी पर नगर निगम द्वारा महाराज बाड़ा, कटोराताल, हजीरा एवं दीनदयाल नगर में गणेश प्रतिमा विसर्जन के नगर निगम द्वारा चलित तालाब की व्यवस्था की गई है। यहां पर सुबह से ही प्रतिमा विसर्जन करने के लिए भक्तों की होड़ मची हुई है। चलित जलाशयों में गंगाजल मिश्रित किया गया है। कटोराताल पर 3 वाहन रखवाए गए है। नगर निगम द्वारा इन प्रतिमाओं का विसर्जन श्रद्धापूर्वक किसी बड़े जलाशय या नदी में किया जाएगा। 
अचलेश्वर महादेव मंदिर का चल समारोह निकला
श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर का चल समारोह प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी सुबह 9 बजे निकला। पहले यह चल समारोह हर वर्ष 12 बजे से श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर से निकलता था। इस बार जल्दी निकाल देने से सभी भक्तगण रास्ते में बाबा अचलनाथ महाराज मंदिर के चल समारोह की प्रतीक्षा करते रह गए पूजा अर्चना भी नहीं कर पाए। जगह जगह  स्वागत भी नहीं हो पाया। चल समारोह को बहुत जल्दी बड़ी तेजी के साथ ले जाया गया। भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ। जो पूजा अर्चना भक्त लोग करते थे। वह भी नहीं कर पाए।