वीर बर्बरीक कलयुगी अवतार में खाटू श्याम के नाम से जाने जाते हैं-पप्पू शर्मा

Sep 04 2022

ग्वालियर। पिछले जन्म में वीर बर्बरीक सूर्यवर्चा नाम से जाने जाते थे ब्रह्ना जी के श्राप के कारण महाभारज का युद्ध नही लड़ पाए। लेकिन कलयुग में जन्म लिया। एवं खाटू नगरी में कलयुग अवतारी खाटू श्याम के नाम से जाने जाते हैं। श्रीश्याम उत्सव समिति द्वारा नौ दिवसीय कार्यक्रम के तहत खाटू श्याम मंदिर राधा की हवेली भाई साहब के परेड लक्ष्मीगंज पर रविवार को आयोजित कलयुग अवतारी खाटू श्याम नरेश की कथा का शुभारंभ खाटू नगरी से आए पप्पू शर्मा खाटू वाले द्वारा किया गया। कथा का रविवार को पहला दिन था जिसमें बताया गया किस तरह से भगवान खाटू श्याम का अवतार हुआ। 
महाभारत मैं भीम के नाती एवं घटोत्कच के पुत्र हुए जिन्होंने जन्म से ही युवा अवस्था को प्राप्त कर लिया। उनके घुंघराले बाल थे किस कारण उनका नाम बर्बरीक रखा गया। युवा अवस्था प्राप्त करते हैं, उन्होंने भगवान भोलेनाथ व मां पार्वती की पूजा अर्चना प्रारंभ की एवं कृष्ण भक्ति में लीन हुए। खाटू श्याम पूर्व जन्म में सूर्यवर्चा नाम के वीर थे। उन्हें अपनी शक्ति पर इतना घमंड हो गया कि वो इश्र्वर का कार्य खुद करने कहने लगे तब उन्हें ब्रह्मा जी ने श्राप दिया, जिस कारण उन्हें महाभारत युद्ध से पहले ही शीश का दान देना पड़ा। आगे की कथा का मंचन आज सोमवार 5 सितंबर को सुनाया जाएगा।
कथा ठीक 4 बजे प्रारंभ हुई भक्तों की भीड़ को देखकर समिति के पदाधिकारी गोपाल अग्रवाल, राकेश बंसल, उमेश गर्ग, मनोज भार्गव, मंदिर के पुजारी राजू रैनवाल द्वारा दो टीवी स्क्रीन लगाकर भक्तों के लिए बैठने की उत्तम व्यवस्था की गई साथ में ठंडा पीने का पानी एवं चाय की व्यवस्था संपूर्ण भक्तो के लिए उपलब्ध थी। आज की कथा समाप्ति पर प्रशादी वितरण भी किया गया। 
आज सोमवार 5 सितंबर रात्रि 8:30 बजे से वृंदावन से आ रहे नृत्यांजलि ग्रुप द्वारा रासलीला का मंचन किया जाएगा।