सत्य को पाया नहीं जाता, सत्य को तो पिया जाता है-मुनिश्री विनय सागर

Sep 04 2022

ग्वालियर। दुनिया भले ही सत्य को कड़वा कहती रहे, लेकिन सत्य से बड़ा मीठा कोई नहीं। यदि सत्य कड़वा होता तो महापुरुषों ने, भगवान श्रीराम ने, महावीर ने, पार्श्वनाथ ने, पांडवों ने इसे क्यों पिया? सत्य को पाया नहीं जाता, सत्य को तो पिया जाता है। सत्य को बोलने से ज्यादा जानना जरूरी है। सत्य बोले बिना काम चल सकता है, लेकिन सत्य जाने बिना काम नहीं चल सकता। यह विचार पर्यूषण पर्व के पांचवे दिन रविवार को उत्तम सत्य एवं जैन धर्म के 9 वें तीर्थंकर भगवान पुष्पदंत के मोक्ष कल्याणक निर्वाण महोत्सव पर श्रमण मुनिश्री विनय सागर महाराज ने माधवगंज स्थित चातुर्मास स्थल अशियाना भवन में धर्मसभा को संबोधित करते हुए कही।
मुनिश्री ने कहा कि सत्य साधक नही अपितु साधना है इसलिए वचन का सत्य, ज्ञान के सत्य के सामने बहुत हल्का और छोटा है। सत्य मौन है इसलिए अकेला है पर असत्य के पास शब्द है इसलिए उसके साथ भीड़ खड़ी है। सत्य वही उत्तम है, जिसमे शांति की स्थापना हो और सुख प्राप्त हो यदि सत्य बोलने से कलह और अशांति को जन्म मिलता है तो ऐसे में मौन रहना ठीक है। संसार में जितने भी पदार्थ हैं, वे सब परिवर्तनशील हैं। 
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन आदर्श कलम ने बताया जैन धर्म के तीर्थंकर भगवान पुष्पदंत के मोक्ष कल्याणक पर मुनिश्री विनय सागर महाराज के सानिध्य में माधवगंज स्थित चितेरा ओली दिगंबर जैन मंदिर से गाजेबाजे के साथ भगवान पुष्पदंत की पालकी शोभायात्रा निकाली। यह शोभायात्रा जैन मंदिर से शुरू होकर मुख्य मार्गो से होती हुई चातुर्मास स्थल पहुँचेगी। शोभायात्रा में महिलाएं केशरियाँ साडिय़ों में धार्मिक भजनों की धुन पर नृत्य एवं पुरुष केशरिया धोती दुपट्टा वस्त्रों में कंधे पर भगवान पुष्पदंत प्रतिमा विराजित कर पालकी को जयकारों के साथ लेकर चल रहे थे। शोभायात्रा का जगह जगह जैन समाज के लोगो ने रंगोली सज्जकर भगवान पुष्पदंत की भव्य अगवानी कर  दीपकों से आरती उतारी एवं मुनिश्री के चरणों का पादप्रक्षालन कर आशीर्वाद ले रहे थे। 
मुनिश्री विनय सागर महाराज के सानिध्य में इन्द्र-इन्द्राणियों ने उत्तम सत्य धर्म, भक्तामर विधान के साथ भगवान पुष्पदंत की अष्टद्रव्यों से पूजन कर निर्वाण काण्ड पूजन के बाद संगीतकार शुभम जैन सैमी के भजनों पर भक्ति नृत्य करते हुए 11 किलो का प्रथम निर्वाण लड्डू सचिन रितु उत्कर्ष सहज सनत जैन परिवार गुड़ागांव हरियाणा, दूसरा मनीष मीता जैन, प्राची हेमांग जैन परिवार अलवर ओर तीसरा सरोज राहुल बोहरा ग्वालियर सहित जैन समाज के लोगों ने जयकारों के साथ लड्डू समर्पित किया।