स्वंय कृष्ण अपने भक्त नरसी के बेटे बनकर अपनी बहन का भात भरने पहुंचे

Sep 03 2022

ग्वालियर। श्री श्याम उत्सव समिति द्वारा खाटू श्याम के नवीन मंदिर राधा की हवेली भाई साहब की परेड लक्ष्मीगंज पर फरीदवाद से आई राशि पाटनी द्वारा नानी बाई के मायरे कथा कहीं जिसमें उन्होने बताया कि कैसे स्वयं कन्हैया ने आकर अपने भक्त नरसी की बेटी के भात में कन्हैया-रुक्मणी और उनके साथ उनके बाल गोपाल अपने साथ सोने हीरे चांदी के आभूषण और नवीन वस्त्र लेकर पहुंचे थे।  ढोल नगाड़े के साथ नानी बाई के मायके वालों ने उनका स्वागत किया।
स्वम कह्निय्या नानी बाई को नहीं मालूम था कि उनका भाई सावंत अब जीवित नहीं, लेकिन कन्हैया ने सावंत का रूप रखा। नानी बाई ने जैसे ही अपने भाई सावंत को देखा उसके गले से लिपट कर रोने लगी, जब पता लगा कि जिसके गले से नानी बाई लिपटी है वह सावंत उनका भाई नहीं स्वयं जगत का पालनहार भगवान कृष्ण है। तो नानी बाई की आंखों से आंसू जर्जर बहने लगे और जिस नरसी को नानी बाई के ससुराल वालों ने गरीब समझकर अपमानित किया था। उसी नरसी ने बेटी के भारत में ना केवल नानी बाई का भात भरा बल्कि अनजान ग्राम के एक-एक घर को सोने और चांदी के आभूषण भी दिए। अंत में कन्हैया ने कुबैर से यह कहकर सोने और चांदी आभूषणों की बरसात कराई जो कोई भक्त भात लेने से रह गया है उसके घर यह भात का सामान पहुंच जाए।
भात भरते वक्त खाटू श्याम मंदिर राधा की हवेली का माहौल अनजान ग्राम सा हो गया था। तमाम भक्त अपने अपने हाथों में भारत का सामान लेकर आए थे। सभी की आंखों से झर झर आंसू बह रहे थे। भक्ति नुमा माहौल में ऐसा लग रहा था कि मानो वृंदावन और मथुरा का माहौल आज खाटू जी के मंदिर राधा की हवेली में बना। बाद में मौजूद भक्तों को भरे हुए भारत का प्रसाद भी दिया गया।
आज 4 सितंबर से 6 सितंबर तक सायंकाल 4 से रात्रि 8 बजे तक कलयुग अवतारी खाटू श्याम नरेश की अमर कथा खाटू नगरी से आ रहे श्याम रत्न पप्पू शर्मा खाटू वाले द्वारा सुनाई जाएगी। श्री श्याम उत्सव समिति के पदाधिकारी गोपाल अग्रवाल, राकेश बंसल उमेश गर्ग, मनोज भार्गव, विजय बंसल, शिवम सोनी, तरुण बंसल, शिरीष गुप्ता गुड्डू भैया ने समस्त धर्म प्रेमी जनता से निवेदन किया है कि खाटू श्याम की कथा सुनने जरूर आएं।