पुलिस के हाथ लगा इंटरस्टेट वाहन चोर गिरोह,तीन पकड़े

Sep 03 2022

ग्वालियर। पुलिस के हाथ इंटरस्टेट वाहन चोर गिरोह लगा है। हजीरा इलाके में रहने वाला एक पुराना हिस्ट्रीशीटर यह गिरोह चला रहा था। पुलिस ने मुरैना और धौलपुर राजस्थान सहित गिरोह के 3 सदस्यों को पकड़ लिया है। कुछ ही घंटों में 9 दो पहिया वाहन चोरी के बरामद हो गए हैं। गिरोह ग्वालियर से वाहनों को चोरी कर मुरैना में डंप करता था।
जब मामला ठंडा हो जाता था तो चोरी के वाहनों को राजस्थान में 5 से 7 हजार रुपए में बेच दिया जाता था। महंगी से महंगी बाइक 5 से 10 हजार रुपए में मिल जाती थीं। अभी पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है। आशंका है कि गिरोह ने आधा सैकड़ा से ज्यादा बाइक शहर में चोरी की हैं।
हजीरा थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि एक वाहन चोर चोरी की बाइक को बेचने के लिए हजीरा इलाके में कस्टमर तलाश रहा है। चोर को कस्टमर मिल गया है और कुछ ही देर बाद डील होने वाली है। सूचना की तस्दीक के लिए पुलिस की एक टीम लगाई गई। तभी एक युवक बाइक के साथ आया। पुलिस ने जब उसको देखा तो हुलिया से वाहन चोर लगा। जैसे ही पुलिस उसकी तरफ बढ़ी तो वह भागने लगा। जिस पर पुलिस ने पीछा कर उसे पकड़ा और उसके पास मिली बाइक के दस्तावेज मांगे तो वह नहीं दे सका।
पकड़े गए युवक को थाने लाकर पूछताछ की तो पहले वह इधर-उधर की कहकर पुलिस को टहलाता रहा, जब पुलिस ने अपने तरीके से पूछताछ की तो उसने बाइक चोरी करना स्वीकार कर लिया। एक बार बताना शुरू किया तो फिर पूरी कहानी पुलिस अफसरों को सुना दी कि किस तरह वह अपने दो अन्य साथियों के साथ ग्वालियर-मुरैना में वारदात को अंजाम देता है। उसने अपने दोनों साथियों के नाम बता दिए।
पकड़े गए चोर ने बताया कि उसके दो अन्य साथी भी उसके साथ वारदात में शामिल हंै, जिसमें एक मुरैना और दूसरा धौलपुर में है। इसका पता चलते ही एक टीम हितेश शर्मा के नेतृत्व में धौलपुर तथा दूसरी टीम एसआई रवि नरवरिया के नेतृत्व में मुरैना के लिए पहुंचाई गई। पुलिस की टीम ने दोनों वाहन चोरों को पकड़कर एक पूरी इंटरस्टेट वाहन चोर गिरोह को पकड़ा है। जो राजस्थान और मध्य प्रदेश में वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। इनसे 4 घंटे की पूछताछ में 9 चोरी किए गए दोपहिया वाहन बरामद कर लिए गए हैं।
पकड़े गए चोरों ने बताया कि ग्वालियर से चोरी करने के बाद वाहनों को राजस्थान में खपाते थे और राजस्थान से चोरी वाहन मुरैना में। पुलिस अफसरों का मानना है कि पकड़े गए चोरों से पूछताछ के बाद काफी संख्या में वाहन बरामद हो सकते हैं और साथ ही पता चला है कि घटना में लोकल चोर को शामिल नहीं करते थे, लोकल चोर अपने क्षेत्र में बस वाहन बिकवाने में मदद करता था। ताकि फुटेज आने पर वह पकड़े ना जा सकें।
हजीरा थाना पुलिस का कहना है कि इंटरस्टेट वाहन चोर पकड़े गए हैं। पूछताछ में इनसे 9 चोरी के वाहन अभी तक बरामद हो चुके हैं। कई और चोरियों का खुलासा इनसे हो सकता है। अभी पूछताछ की जा रही है।