सम्राह पर दो समाजों के दावे से शहर तनाव में, प्रतिमा स्थल पर तैनात किए 500 जवान

Aug 30 2022

ग्वालियर। एक साल बाद अचानक सम्राट मिहिर भोज को लेकर फिर तनाव है। तनाव को देखते हुए पुलिस और प्रशासन एक्सन में है और प्रतिमा स्थल को पुलिस छावनी बना दिया है। किसी तरह का आयोजन ना हो इसके लिए चिरवाई नाका व शिवपुरी लिंक रोड को पुलिस छावनी बना दिया, और यहां पर पांच सैकड़ा पुलिस अफसर और जवान तैनात कर दिए गए।
ज्ञात हो कि मिहिर भोज प्रतिमा से संबंधित मामला हाईकोर्ट में है, इसलिए कलेक्टर ने किसी भी तरह की रैली, धरना, प्रदर्शन व सभाओं पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। यहां आने और जाने वाले यातायात को भी रोक दिया गया था। वहीं तनाव को देखते हुए शिवपुरी लिंक रोड स्थित सभी स्कूलों में छुट्टी कर दी गई थी। जिला प्रशासन, पुलिस के द्वारा गुर्जर और क्षत्रिय समाज पर नजर रखी जा रही है। 
सोशल मीडिया पर दोनों समुदायों ने की रैली की घोषणा
सीधे प्रशासन से किसी ने अनुमति नहीं मांगी है, लेकिन सोशल मीडिया पर 30 अगस्त को इतिहास बचाओ एवं स्वाभिमान यात्रा की घोषणा क्षत्रिय समाज तो वहीं गुर्जर महासभा द्वारा मिहिरोत्सव व रैली की घोषणा की है। दोनों प्रदर्शन से फिर शहर में तनाव व उपद्रव की संभावना थी। गुर्जर समाज की तरफ से लोकेन्द्र गुर्जर ने रैली निकालने के लिए आवेदन किया था, जिसे संबंधित एसडीएम ने खारिज कर दिया। जिला प्रशासन और पुलिस को आशंका है कि इस तरह के प्रदर्शन से माहौल बिगड़ेगा। 
शिवपुरी लिंक रोड पर शहर के कई बड़े स्कूल हैं। यहां करीब 12 से 15 बडे प्राइवेट स्कूल के अलावा कई कॉन्वेंट व शासकीय स्कूल हैं। तनाव के चलते यहां पुलिस फोर्स तैनात है। इन इलाकों के स्कूल में मंगलवार 30 अगस्त को अवकाश घोषित किया गया है।
यह है विवाद
8 सितंबर 2021 को नगर निगम ग्वालियर ने शीतला माता मंदिर रोड चिरवाई नाका पर सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा का अनावरण किया था। अनावरण के साथ ही सम्राट मिहिर भोज पर विवाद शुरू हो गया है। नगर निगम ने प्रतिमा स्थापना का ठहराव प्रस्ताव लाते समय साफ उल्लेख किया था कि सम्राट मिहिर भोज नाम से प्रतिमा लगाई जाएगी, लेकिन जब प्रतिमा का अनावरण किया गया तो सम्राट मिहिर भोज के आगे गुर्जर सम्राट मिहिर भोज लिखा गया था। उनको गुर्जर सम्राट लिखने के साथ ही विवाद शुरू हो गया था। इसको लेकर क्षत्रिय महासभा और अखिल भारतीय वीर गुर्जर महासभा ने सम्राट को लेकर अपने-अपने दावे पेश किए। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा का तर्क है कि सम्राट मिहिरभोज महान राजपूत क्षत्रिय हैं। इसके संबंध में उन्होंने इतिहासकारों के लेख, शिलालेख व परिहार वंश के सबूत भी रखे हैं तो इसके जवाब में अखिल भारतीय वीर गुर्जर महासभा ने भी तर्क रखा है। उन्होंने इतिहास में उन्हें गुर्जर सम्राट बताते हुए सबूत रखे हैं। पर यहां तक बात नहीं रही। इसके बाद शहर में सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक उपद्रव हुआ। 
हाईकोर्ट में है मामला
कानून व्यवस्था बिगडऩे पर एक सामान्य नागरिक ने मामले को हाईकोर्ट में जनहित याचिका में पेश किया। इसके बाद हाईकोर्ट ने एक जांच कमेटी संभाग आयुक्त की अध्यक्षता व आईजी ग्वालियर जोन की उपाध्यक्षता में बनाई। इसमें संबंधित क्षेत्र के एसडीएम, दो हिस्ट्री के प्रोफेसर भी शामिल रहे थे। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश कर दी थी, लेकिन अभी इस मामले में फैसला नहीं आया है। पर एक बार फिर इसी विवाद को हवा देने के लिए काम किया जा रहा है।
चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा
तनाव को देखते हुए चिरवाई नाका स्थिम सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा स्थल व शिवपुरी लिंक रोड और विक्की फैक्ट्री तिराहे पर पांच सैकड़ा पुलिस अफसर और जवान तैनात किए है। वहीं तनाव को देखते हुए एसएसपी अमित सांघी सहित सभी वरिष्ठ अफसर भी मौके पर पहुंचे और पल-पल की स्थिति पर नजर रखी, ताकि कहीं पर भी ढील ना रहे। 
मंदिर में हुए एकत्रित पुलिस ने हटाया
झांसी रोड थाना क्षेत्र स्थित एक मंदिर में गुर्जर समाज के युवाओं के एकत्रित होने की सूचना पर झांसी रोड थाना प्रभारी संजीव नयन शर्मा व अन्य पुलिस अफसर मौके पर पहुंचे और वहां पर एकत्रित होने वाले युवाओं को धारा 144 का हवाला देते हुए हटा दिया।