पत्नी को गोली मारने वाला दबोचा, , कट्टा व बाइक बरामद

Aug 29 2022

ग्वालियर। पड़ोसी दुकानदार से आंखें लडऩे की शंका और बार-बार मना करने पर भी पत्नी ने दुकानदार से संपर्क नहीं तोड़ा और जब पति ने उसे दुकानदार के साथ देख लिया तो नाराज पति दुकानदार से भिड़ गया और जब दुकानदार भारी पड़ा तो उस पर कट्टे से गोली चला दी। गोली दुकानदार को ना लगते हुए उसी की पत्नी को जा लगी। घटना मुरार थाना क्षेत्र के खुरैरी स्थित गुलाबपुरी की है। घायल पत्नी को उपचार के लिए अस्पताल भर्ती कराकर पुलिस ने आरोपियों की तलाश में दबिश दी और शताब्दीपुरम से दबोच लिया है।
मुरार थाना प्रभारी शैलेन्द्र भार्गव ने बताया कि खुरैरी गुलाबपुरी निवासी 24 वर्षीय नेहा उर्फ नंदिनी जाटव (24) को सुरेंद्र पुत्र उदय सिंह जाटव ने अपने साथियों जय सिंह पुत्र पदोकी लाल जाटव और वीरेंद्र पुत्र सोबरन जाटव के साथ मिलकर गोली मारी जो उसके कंधे में जा लगी। घायल को उपचार के लिए भर्ती कराकर आरोपियों की तलाश की तो पता चला कि वह भिण्ड के रहने वाले हंै।
इसका पता चलते ही आरक्षक दिनेश राजावत, पंकज तोमर और नीरज यादव, योगेन्द्र सिंह तथा अन्य पुलिस जवानों को उनकी तलाश में रवाना किया तो उनका डीडी नगर पर आमना-सामना हुआ। पुलिस को देखते ही आरोपियों ने डीडी नगर में बाइक डाल दी। पुलिस पीछे लगी रही और उन्हें शताब्दीपुरम में दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों से पुलिस ने कट्टा व बाइक बरामद कर उन्हें हिरासत में ले लिया है। 
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि घायल नेहा सुरेन्द्र के ताऊ के बेटे की साली है और कई साल से वह प्रेम करते थे और दो साल पहले कोर्ट मैरिज की है। अभी इसका पता परिजनों को नहीं है। एक माह से सुरेन्द्र को नेहा के पास ही ऑनलाइन शॉप का संचालन करने वाले कुलदीप से मिलना-जुलना पंसद नहीं था और कई बार मना कर चुका था, लेकिन नेहा ने उससे मिलना बंद नहीं किया जिससे सुरेन्द्र को उनके बीच आंखे लडऩे का संदेह था। 
पुलिस जांच में पता चला है कि सुरेंद्र पहले से शादीशुदा है और उसकी 4 बेटियां व एक बेटा है। अब पुलिस इस बात का पता लगा रही है पहले से शादीशुदा युवक से पीडि़ता ने किन हालात में कोर्ट मैरिज की थी।
पूछताछ में सुरेन्द्र ने बताया कि गोली उसने कुलदीप पर चलाई थी, क्योंकि उसने घर पर कॉल किया था तो उसे पता चला कि वह दुकान पर बैठी है और कुलदीप को कॉल किया तो उसने बाजार जाने की झूठी जानकारी दी थी। इससे नाराज होकर वह भिण्ड से ग्वालियर आया तो नेहा दुकान पर बैठी थी, इस पर उसका और कुलदीप का विवाद और मारपीट हो गई। कुलदीप ने उसे पीटा तो उसने उस पर कट्टे से फायर किया, लेकिन वह बच गया और गोली नेहा को लगी।