सुबह से भक्तों ने किया शनिदेव का अभिषेक

Aug 27 2022

ग्वालियर। शनि देव के दर्शन करने और तेल-तिल का दान करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ प्राचीन मंदिर ऐंती गांव में रात से लगना शुरू हो गई। शनिवार को शनि अमावस्या विशेष संयोग के साथ आई है जिससे शनि की दृष्टि से कई राशि के जातकों को मुक्ति मिलेगी तो कई राशियों पर शनिदेव अपनी कृपा कम करेंगे।
क्योतिषियों के अनुसार त्रिग्र्रही योग में शनिवार को शनिश्चरी अमावस्या मनाई गई। शनिचरी अमावस्या, पितृ दोष निवारण के लिए खास मानी गई है। आज मंत्रों के जाप व पूजन करने से शारीरिक व मानसिक कष्ट दूर होंगे। शनि देव की कुदृष्टि न पड़े और उनकी अच्छी दृष्टि बनी रहे इसके लिए आज सुबह से शनि मंदिरों में भक्तों की कतारें लगी। शनि देव को तिल, तेल अर्पित करते हुए परिवार की खुशहाली और सुख समृद्धि की कामना की गई। 
शनिवार को शनि अमावस्या पर शहर के शनि मंदिरों में सुबह 5 बजे से दर्शन करने के लिए भक्त पहुंचना शुरू हो गए, तो वहीं ऐंती गांव स्थित प्राचीन शनि मंदिर में दर्शन करने भक्त दिनभर जाते रहे। शहर में स्थित तारागंज स्थित शनि मंदिर में भक्तों ने पहुंचकर तिल, तेल अर्पित कर मनोकामनाएं मांगी।
बहोड़ापुर व रामदास घाटी, बालाजीधाम गरगज कालोनी में शनि मंदिरों में भक्त पूजा अर्चना करते हुए खुशहाली की कामना की। गोल पहाडिय़ा स्थित नवग्रह मंदिर पर भक्तों की भारी भीड़ लगी हुई थी। वहीं ऐती गांव जाने के लिए गोले का मंदिर से वाहन जा रहे थे तो कई लोग अपने निजी वाहनों से पहुंचें। 
शनि मंदिरों में रही भक्तों की भीड़
शनि जयंती पर सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की भीड़ रही। रात्रि बली होने के कारण शनि की पूजा रात्रि में करने से अधिक लाभ प्राप्त होता है। इसके चलते शनि मंदिरों में देर रात तक भक्तों की भीड़ रहेगी। भक्तों ने बहोड़ापुर स्थित नवग्रह मंदिर, जीवाजी गंज नवग्रह मंदिर, दाल बाजार और जेसी मिल रोड पर स्थित शनि मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना की। भक्तों ने शनि देव की प्रतिमा पर सरसों का तेल, उड़द व काले तिल अर्पित किए। शनि देव को खुश करने के लिए आज सुबह से ही हलवाइयों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ नजर आई और सबसे ज्यादा मांग इमरती की रही। शनिदेव के वाहन काले कुत्ते को भक्त इमरती खिला रहे थे और तेल व तिल का दान भी किया।