बच्चो को अच्छे धर्म के संस्कार दे, और अपना जीवन संस्कारित करें- आर्यिकाश्री

Aug 24 2022

ग्वालियर। आर्यिकाश्री आर्षमती माताजी ससंघ के चातुर्मास के दौरान मुरार चिक संतर स्थित जैन धर्मशाला में चल रहे 48 दिवसीय भक्तामर विधान के दौरान 43 वें दिन बुधवार को भक्तामर महा अर्चना विधानकर्ता राजेश नविता जैन पदमचंद बबिता जैन, ऋषभ मनु मनोज पिंकी जैन लोहामंडी परिवार ने बड़े भक्तिभाव के साथ कराया। 
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि विधानचार्य पंडित शशिकांत शास्त्री में मंत्र उच्चारण के साथ भगवान आदिनाथ का प्रथम जलअभिषेक शुभम जैन पदमचंद जैन ने कलशों से किया। वही आर्यिकाश्री आर्षमती माताजी ने अपने मुख्यबिंद मंत्रो से भगवान आदिनाथ शांतिधारा राजेश कुमार पदमचंद ऋषभ मनोज एवं अजित जैन परिवार ने की। भक्तामर विधान में विधानचार्य शशिकांत शास्त्री ने 48 मंत्रो का उच्चारण कर विधानकर्ता राजेश पदमचंद, ऋषभ मनोज ने भगवान आदिनाथ के समक्ष भक्तामर मंडप पर महाअर्घ्य समर्पित करें।
बच्चो को मोबाइल की जगह भगवान के अभिषेक का कलश पकड़वाओ
आर्यिकाश्री आर्षमती माताजी ने धर्मसभा में कहा कि अपने बच्चो को धर्म, संस्कृति व सिद्धांत के संस्कार देना बहुत जरूरी है। यदि बच्चो के हाथों में मोबाइल की जगह भगवान के अभिषेक का कलश पकड़ाते तो आज विश्वास करिए वह कभी भी गलत काम नहीं करता। अपने बच्चों को अच्छे धर्म के संस्कार दें और अपना जीवन संस्कारित कर सफल करें। जो बच्चा बचपन व युवा अवस्था में ही धर्म के संस्कार ले लेता है, वह कुछ भी गलत करने से पहले सोचता अवश्य है तथा गलत कृत्य से डरता है जबकि जिन बच्चों को धार्मिक संस्कार नहीं मिलते, उन्हें अपने अच्छे बुरे का ज्ञान नहीं रहता तथा वे गलत मित्रों की संगत से बुरे कार्यों की तरफ अग्रसर हो जाते हैं। चातुर्मास कमेटी के पदाधिकारियो ने विधानकर्ता परिवार का तिलक व दुपट्टा उड़ाकर सम्मान किया।