शहर में धड़ल्ले से बिक रही है सिंगल यूज प्लास्टिक

Aug 24 2022

ग्वालियर। केंद्र सरकार द्वारा 19 तरह के आइटम प्रतिबंधित करने के बाद अब स्टाकिस्ट और विक्रेताओं के पास भले ही सिंगल यूज प्लास्टिक नजर नहीं आ रही है, लेकिन अब भी बाजार में इसका जमकर इस्तेमाल हो रही है। अब भी फल, सब्जी, चाय, दूध, दही जैसी चीजें प्रतिबंधित थैलियों में ही बिक रही हैं। अब भी सड़कों पर लोग प्रतिबंधित पालीथिन में सामान ले जाते हुए आसानी से देखे जा सकते हैं।
निगम अफसरों को अंदेशा है कि चोरी-छिपे बाजार में पालीथिन की बिक्री की जा रही है। इसके लिए नगर निगम की टास्क फोर्स अब अभियान चलाकर जती और जुर्माने की कार्रवाई करेगा। केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने एक जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक के कप, प्लेट, गिलास, चमच, चाकू, स्ट्रा, ट्रे, प्लास्टिक स्टिक, इयर बड्स, गुबारों में उपयोग होने वाली प्लास्टिक स्टिक, झंडे, कैंडी स्टिक, आइसक्रीम स्टिक, सजावट में उपयोग होने वाले थर्माकोल, स्टीकर, मिठाई के डिब्बे, निमंत्रण पत्र, सिगरेट के पैकेट को कवर करने वाली पैकिंग फिल्म सहित 100 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक व पीवीसी बैनर इत्यादि के निर्माण, भंडारण, विक्रय, परिवहन एवं उपयोग पर प्रतिबंध लगाया था। इस प्रतिबंध को लागू कराने के लिए नगर निगम के अफसरों ने टास्क फोर्स का भी गठन किया था।
इस टास्क फोर्स ने जुलाई माह के पहले सप्ताह से छापामार कार्रवाई शुरू की। आनन-फानन में बाजार से सिंगल यूज प्लास्टिक गायब हो गई, लेकिन कार्रवाई के अभाव में धीरे-धीरे फिर से सिंगल यूज प्लास्टिक से बने आइटम बाजार में नजर आने लगे हैं। ज्यादातर फल-सब्जी के ठेलों सहित चाय की दुकानों और दूध डेयरियों पर 100 माइक्रोन से कम मोटाई वाली पालीथिन फिर नजर आने लगी हैं।