सुबह की बारिश से शहर तरबतर, सड़कें बनी तालाब

Aug 20 2022

ग्वालियर। शुक्रवार रात जन्माष्टमी मनाने के बाद शनिवार सुबह शहर के लोगों के लिए राहत लेकर आई। सुबह से बारिश का दौर जारी है। सुबह 5 बजे से सुबह 11 बजे तक छह घंटे में 41 एमएम पानी बरस चुका था। सुबह-सुबह हुई बारिश से जहां शहर के लोगों को उमस से राहत मिली है वहीं कई इलाकों में सड़कें तालाब बन गई हैं।
बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम तेज गति से आगे बढ़ रहा है। बंगाल की खाड़ी से चला सिस्टम बुंदेलखंड के रास्ते ग्वालियर-चंबल संभाग में पहुंचेगा। आगमी दो दिन में सिस्टम का असर ग्वालियर-चंबल अंचल के ऊपर रहेगा। पूरे अंचल में बारिश की संभावना है।
शनिवार सुबह जब लोगों की नींद खुली तो आसमान से अमृत बरस रहा था। तेज बारिश और बादलों की गडग़डाहट से लोगों की नींद टूटी है। सुबह 5 बजे से ही बारिश शुरू हो गई थी। बारिश काफी तेज थी। इस कारण कुछ ही देर में सड़कों पर पानी भर गया। वाहनों को पानी के बीच से ही निकालना पड़ा। बंगाल की खाड़ी में शुक्रवार को कम दबाव का क्षेत्र विकसित हो गया था। यह अगले 24 घंटे में आगे बढऩा शुरू हुआ, जिसके असर से शनिवार को ग्वालियर तेज बारिश हुई है। सुबह 11 बजे तक ही 41 एमएम बारिश हो चुकी थी। अभी तक 530 एमएम बारिश हो चुकी है। बारिश के चलते शनिवार को न्यूनतम तापमान 23.3 डिग्री सेल्सियस रहा है, जबकि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस रहा था।
ग्वालियर में बारिश के बाद शहर की सड़कों पर पानी भर गया है। कई निचली बस्तियों में पानी भरने के बाद वहां फायर बिग्रेड को भी बुलाना पड़ा है। सड़कों पर बाहनों के पहिए तक डूब गए थे इतना पानी कुछ ही देर में भर गया। नाले भी उफान पर आ गए थे।
रविवार-सोमवार को अंचल में अच्छी बारिश की संभावना
मौसम वैज्ञानिकों की माने तो बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ता हुआ झारखंड होते हुए आगे बढ़ेगा, वर्षा की गतिविधि में तेजी आएगी। यह बुंदेलखंड के रास्ते ग्वालियर चंबल संभाग में पहुंचेगा। इसका असर रविवार और सोमवार के बीच देखने को मिलेगा। इस सिस्टम का पूरा असर ग्वालियर चंबल संभाग के ऊपर रहेगा। इससे भारी वर्षा का दौर चलेगा। मानसून का पहला सिस्टम झारखंड से बुंदेलखंड होते हुए आ रहा है।
बंगाल की खाड़ी से बनने वाले कम दबाव के क्षेत्र उड़ीसा से छत्तीसगढ़ के रास्ते आते हैं। इस रास्ते से आने वाले सिस्टम से ग्वालियर में वर्षा की कम संभावना रहती है। विंध्याचल पर्वत श्रेणी की वजह से शैडो (छांव) की स्थिति रहती है। यह सिस्टम छिंदवाड़ा, जबलपुर, भोपाल, मालवा में अच्छी वर्षा करते हैं।
बंगाल की खाड़ी के सिस्टम झारखंड के रांची से होते हुए आते हैं। वह बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड, ग्वालियर चंबल संभाग में वर्षा करते हैं। पहला सिस्टम इस रास्ते आ रहा है। क्योंकि विंध्याचल पर्वत श्रेणी के पास आने के बाद सिस्टम अपनी दिशा बदलता है।
शनिवार सुबह से तेज बारिश के बाद शहर के लोग घूमने के लिए निकल पड़े हैं। पिकनिक स्पॉट पर चहल-पहल है। आज रविवार है और अवकाश है तो कई लोगों ने आसपास के शहरों का रूख कर लिया है। जैसे कोई ओरछा तो कोई शिवपुरी के झरनों का आनंद लेने निकल पड़ा है।