आदिवासी आज भी विकास की मुख्य धारा से बंचित-विधायक सिकरवार

Aug 09 2022

ग्वालियर। आदिवासी दिवस के मौके पर विधायक डॉ. सतीश सिकरवार ने बड़ा ऐलान करते हुये कहा कि आदिवासी समाज के लोगों के जाति प्रमाण पत्र बनबाने की मांग को लेकर 16 अगस्त को आदिवासियों के साथ विषाल धरना प्रदर्शन कलेक्ट्रेट पर किया जायेगा। जब तक मांग पूरी नहीं हो जाती तब तक आंदोलन जारी रहेगा और इस मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जायेगा। आदिवासी समाज आज भी विकास की मुख्य धारा से बंचित है। इस समाज के विकास के नाम पर अनेक घोशणायें की जाती हैं मगर उनपर अमल नहीं होता है। यह बात आज विधायक डॉ. सिकरवार ने आदिवासी दिवस के मौके पर ग्वालियर पूर्व के वार्ड 28 में आयोजित कार्यक्रम में कही। इस मौके पर क्षेत्रीय पार्शद श्रीमती गायत्री सुधीर मण्डेलिया, अषोक तोमर, बदन सिंह, प्रदीप गौड, लाखन आदिवासी, देवा गौड, बाबू राठौर आदि मंचाषीन रहे।
    कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्य अतिथि विधायक डॉ. सतीश सिकरवार ने भगवान विरसा मुण्डा, संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर के चित्र पर माल्यापर्ण कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि निषचित रूप् से आज सौभाग्य का दिवस है मगर सरकार ने आदिवासियों के उत्थान के लिये, सुख-सुविधायें देने के लिये अनेक घोशणायें की पर उनका लाभ नहीं मिल रहा है आदिवासी समाज आज अपनी पहचान के लिये परेषान है, क्योंकि आज वे जाति प्रमाणपत्र बनवाने के लिये भटक रहे हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज ने भगवान विरसा मुण्डा के साथ देष की सीमाओं की न केबल सुरक्षा की बल्कि अंग्रेजों के दमन के खिलाफ संघर्श जारी रखते हूये विरसा मुण्डा जी ने अपने जीवन का बलिदान किया, इसी बलिदान के कारण उन्हे भगवान कहा जाता है। दु:ख की बात यह है कि आज आदिवासी समाज उपेक्षित और बुनियादी सुविधाओं से बंचित है। आप लोगों ने जाति प्रमाण पत्र की जो समस्याऐं सामने रखीं उसे लेकर में आप लोगों के साथ 16 अगस्त को कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्षन तव तक करेंगे जब तक समस्या के समाधान के रास्ता नहीं निकलता। उन्होंने आदिवासी विष्व दिवस पर सभी को षुभकामनाऐं और बधाई देते हुये कहा कि हमें भगवान विरसा मुण्डा के जीवन से संघर्श की प्रेरणा लेना चाहिये।