सावन के आखिरी सोमवार पर मंदिरों में सुबह से भीड़, बम-बम भोले से गूंजे शिवालय

Aug 08 2022

ग्वालियर। सावन माह के आखिरी सोमवार को सुबह से ही मंदिरों में खासी भीड़ लगी रही। शिवालयों में बम-बम भोले की गूंज रही। खास बात ये है कि इस सोमवार रवि योग एवं पुत्रदा एकादशी का संयोग था। अचलेश्वर महादेव मंदिर, कोटेश्वर महादेव मंदिर, गुप्तेश्वर मंदिर, भूतेश्वर मंदिर, मंगलेश्वर व हजारेश्वर पर सुबह 4 बजे से भक्तों की कतार लगना शुरू हो गई थी। सोमवार का दिन पुत्रदा एकादशी के कारण काफी खास था। सावन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पुत्रदा एकादशी व्रत रखा जाता है। ऐसे में एकादशी व सोमवार व्रत होने से इस दिन का महत्व और बढ़ जाता है। ज्योतिषाचार्य सुनील चौपड़ा ने बताया कि ज्योतिष शास्त्र में रवि योग को शुभ व मांगलिक कार्यों के लिए अति उत्तम माना गया है। 
सावन मास की समाप्ति 12 अगस्त को होगी। सावन के प्रत्येक सोमवार को भगवान शिव की पूजा का खास महत्व है। सावन सोमवार का व्रत कई गुना अधिक पुण्यदायी माना गया है। धार्मिक मान्यता के चलते लोगों ने सावन के चौथे सोमवार का व्रत रखकर शिवलिंग का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक किया।