शहर के इंजीनियर से 73 लाख ठगे थे,एक आरोपी गिरफ्तार, एक फरार

Aug 07 2022

ग्वालियर। पुलिस ने न्यू रंजीत नगर नई दिल्ली से एक फर्जी कॉल सेंटर पकड़ा है। कॉल सेंटर का मास्टर माइंड पुलिस के हाथ लगा है। उसने अभी तक एक सैकड़ा से ज्यादा लोगों को शिकार बनाकर करीब 1.29 करोड़ रुपए की ठगी की है। ग्वालियर के एक इंजीनियर को दुबई में लाखों का पैकेज दिलवाने का सपना दिखाकर इन्होंने 73.30 लाख रुपए ठगे थो। इसी शिकायत के बाद पुलिस इस फर्जी कॉल सेंटर के पीछे लगी।
यह लोग फर्जी वेबसाइट दाजोवकार्ड.कॉम पर युवा बेरोजगारों के बॉयोडाटा लेते थे फिर उनको कॉल कर ठगी का शिकार बनाते थे। गिरोह का एक सदस्य अभी फरार हो गया है। पुलिस ने दिल्ली में फ्लैट से 8 लेपटॉप, 2 मॉडम, 8 वायरलेस टेलीफोन, 1 मोबाइल फोन तथा 6 लाख रुपए व दस्तावेज आदि बरामद किए हैं।
जून 2022 में ग्वालियर के लक्कडख़ाना निवासी आशीष शास्त्री जो की एमआईटीएस से पास आऊट इंजीनियर है। उसे विदेश में नौकरी करने का सपना था। इसलिए उसने कई कंसल्टेंसी वेबसाइट व जॉब हंट वेबसाइट पर अपना बायोडाटा डाला था। उसने दाजोवकार्ड.कॉम पर भी अपनी डिटेल भेजी थी। इसके बाद उसे कॉल आया। कॉल करने वाले ने उसकी क्वालीफिकेशन के आधार पर उसके लिए दुबई की एक तेल कंपनी में जॉब बताई थी। उसको पांच लाख रुपए महीने की सैलरी का पैकेज बताया गया था। इसके बाद उससे कुछ सिक्युरिटी मनी डिपोजिट करने के लिए कहा गया। विदेश में नौकरी का सपना पूरा होते देख आशीष कॉल करने वाले फर्जी कॉल सेंटर के जाल में फंस गया था।
उसने कई बार में 73.30 लाख रुपए दे दिए थे। जब ठगी का अहसास हुआ तो वह एसपी ऑफिस पहुंचा और मामले की शिकायत की। एसपी सांघी ने इस मामले में एसआई का गठन किया और कार्रवाई के निर्देश दिए। इंजीनियर पर आए कॉल, मैसेज व वेबसाइट की डिटेल निकालने के बाद पुलिस को सूचना मिली कि नईदिल्ली के न्यू रंजीत नगर में एक अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 129 में यह फर्जी कॉल सेंटर का खेल चल रहा है।
सूचना मिलने के बाद दो दिन तक क्राइम ब्रांच ने दिल्ली में फ्लैट की निगरानी की। पूरे यकीन के बाद जब दबिश दी तो फ्लैट में एक फर्जी कॉल सेंटर चलता मिला है। मास्टर माइंड दिलीप सोनी निवासी राजस्थान वहां से पकड़ा गया, जबकि उसका साथी राहुल फरार हो गया है। पुलिस ने मौके से 6 लाख रुपए नकद, 8 लेपटॉप, 2 मॉडम, 8 वायरलेस टेलीफोन, 1 मोबाइल फोन भी जब्त किया है। जब दिलीप सोनी से पूछताछ की गई तो उसने ग्वालियर के छात्र आशीष को ठगना कुबूल किया है। अब पुलिस उसके साथी राहुल की तलाश कर रही है।
पुलिस ने जब फर्जी कॉल सेंटर से मिले लैपटॉप, मोबाइल की जांच की तो जो रिकॉर्ड मिला है उससे पुलिस भी आश्चर्यचकित रह गई है। यह फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले विदेशों में नौकरी का सपना देखने वालों को चूना लगाते थे। रिकॉर्ड के अनुसार दिल्ली से कॉल सेंटर चलाकर अभी तक 1.29 करोड़ रुपए की ठगी कर चुके हैं। पुलिस को आशंका है कि दिल्ली से कॉल सेंटर चलाकर देश के विभिन्न राज्यों व शहरों में अभी तक एक सैकड़ा से ज्यादा युवाओं को ठग चुके हैं।