हम स्वयं से संवाद के लिए समय जरूर निकालें- सत्यप्रकाश आर्य

Aug 05 2022

ग्वालियर। मप्र राज्य आनंद संस्थान द्वारा ग्वालियर जिले के 50 आनंदकों के लिये आयोजित संध्याकालीन पांच दिवसीय अल्पविराम कार्यक्रम में जिला ग्वालियर के कॉर्डिनेटर विजय कुमार डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम लीडर (आनन्द) के साथ मास्टर ट्रेनर प्रेमलता उपाध्याय दमोह के मार्गदर्शन में ग्वालियर से मास्टर ट्रेनर दीप्ति उपाध्याय, डॉ. रूपा आनन्द, अंशुमान शर्मा तथा सुनील चोपड़ा आनंदम सहयोगी द्वारा विभिन्न आनंद सत्रों का ऑनलाईन संचालन किया गया। मास्टर ट्रेनर प्रदीप महतो के पर्यवेक्षण में तकनीकी सहयोग अंजना श्रीवास्तव, मास्टर ट्रेनर ई. एके शर्मा एवं आनंदम सहयोगी तृप्ति शर्मा, आनंदक रत्ना सरभाई द्वारा प्रदत सहयोगी भूमिका का निर्वहन किया गया। 
मप्र राज्य आनन्द संस्थान के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (प्रभारी) प्रवीण गंगराड़े ने शुभारम्भ अवसर पर जिला ग्वालियर की आनन्द टीम को निरंतरता में अल्पविराम आयोजन के लिए हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि अल्पविराम हमारी बेहोशी को तोडऩे का कार्यक्रम है, यह हमें सचेत यानि जाग्रत करता है। अल्पविराम हमारा ध्यान उन विषयों पर लेकर जाता है जो सीधे तौर पर हमारे सुख- दु:ख और आनन्द से जुड़े हैं। अल्पविराम के अभ्यास से हम हमारी जिन्दगी की जिम्मेदारी स्वयं लेने लगते है। पांच दिवस में अल्पविराम में नई थीम के साथ आनन्द सत्र आनन्द की ओर एवं जीवन की नदी, जीवन का लेखा-जोखा, मदद, कृतज्ञता, माफ़ी मांगने, क्षमा करने के संतुलन, एवं सत्र हमारे रिश्ते, परिवर्तन की प्रक्रिया संपर्क, सुधार, दिशा, एवं फ्रीडम ग्लास तथा मौन की शक्ति पर सत्रों का संचालन किया गया। जो आनंदकों को जीवन में आनंद प्राप्त करने और जीवन में तनाव से मुक्ति का माध्यम भी बना। इस दौरान सहभागी आनंदको को अपने अनुभव साझा करने के अवसर प्रदान किए गए ।
समापन अवसर पर राज्य आनन्द संस्थान के प्रमुख सलाहकार सत्य प्रकाश आर्य ने कहा कि अपने आप को देखना यानि अपने विचारों को देखना अल्पविराम में सबसे महत्त्वपूर्ण बात है। हमें थोड़ा रुककर यानि अल्पविराम लेकर स्वयं से संवाद करना है। आनन्द हेतु खुद के सम्पर्क में लाना ही अल्पविराम का लक्ष्य है। हम स्वयं से संवाद के लिए समय जरूर निकालें।