नागपंचमी पर नागमंदिरों में भक्तों की भीड़ लगी

Aug 02 2022

ग्वालियर। नागपंचमी पर मंगलवार सुबह से ही शहर के प्रसिद्ध नागदेवता के मंदिरों में भक्तों की भीड़ लगी रही। ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि नागपंचमी के दिन नागों की पूजा करने और व्रत रखने से सांप कांटने का खतरा कम होता है। आज के दिन चांदी के सांप को दूध से स्नान कराने और पूजा करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन बहुत से लोग घर के मुख्य द्वार पर नाग का चित्र भी बनाते हैं। जीवित नाग को दूध न पिलाएं, केवल मूर्ति का ही पूजन करें।
छत्री परिसर स्थित प्राचीन नागमंदिर के पट सुबह 4.30 बजे ही भक्तों के लिए खोल दिए गए थे। सुबह से ही यहां भक्तों की भीड़ लगी हुई थी। यही स्थिति दौलतगंज स्थित नागमंदिर पर भी देखने को मिली है। मंगलवार को यहां मेले सा नजारा दिखाई दिया।
नागपंचमी पर पूजा से कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है
कालसर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए सावन का महीना सर्वोत्तम माना गया है। सावन मास के नाग पंचमी के दिन काल सर्पदोष की शांति के लिए उपाय कर सकते हैं। इस दिन चांदी के सांप को दूध में रखकर शिवलिंग पर चढ़ाना शुभ माना जाता है। इसके साथ ही सर्प गायत्री मंत्र का जाप या महामृत्युंजय जाप भी किया जा सकता है। कालसर्प दोष निवारण के लिए सामान्य उपायों में कुत्ते की सेवा करना, कुत्ता पालना, कुत्ते को दूध-रोटी खिलाना बहुत अच्छा उपाय माना गया है। मान्यता है कि जिन लोगों की जन्म कुंडली में कालसर्प दोष होता है और जब भी उनके जीवन में राहु या केतु की महादशा आती है, तो उस दौरान उन्हें बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में काल सर्पदोष से मुक्ति पाने के लिए नाग पंचमी के दिन ये उपाय कर सकते हैं।