बाड़ाबंदी के डर से भाजपा ने अपने 34 पार्षद बस से दिल्ली भेजे
Aug 02 2022
ग्वालियर। शहर की नई नगर सरकार जल्द आकार लेगी, लेकिन पहले भाजपा-कांग्रेस में सभापति को लेकर आखिरी जोड़तोड़ शुरू हो गई है। बाड़ाबंदी से बचाने के लिए भाजपा ने अपने 34 पार्षद दिल्ली भेजने का फैसला लिया है। मंगलवार सुबह यह बस के जरिए दिल्ली के लिए रवाना हुए। असल बात यह है कि अब यह पार्षद परिषद के पहले सम्मेलन 5 अगस्त को सभापति की वोटिंग के समय ही वापस आएंगे। भाजपा-कांग्रेस दोनों अपने-अपने सभापति और परिषद बनाने का दावा कर रहे हैं। ऐसे में 5 अगस्त से पहले यह आखिरी तीन दिन जोड़तोड़ बाड़ाबंदी के लिए काफी अहम साबित हो सकते हैं।
भाजपा को काफी समय से शपथ ग्रहण समारोह का इंतजार था। शपथ होते ही भाजपा के वरिष्ठ नेतृत्व ने सभी 34 पार्षदों को दिल्ली ले जाने का निर्णय कर लिया था। पार्षदों को मंगलवार सुबह लोहिया बाजार से बस के जरिए दिल्ली ले जाया गया। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष कमल माखीजानी सहित तमाम वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। वहां वरिष्ठ नेतृत्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह, प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा के साथ उनकी बैठक है।
नगर निगम चुनाव के बाद अब सभापति चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। सभापति के लिए चुनाव 5 अगस्त को होना है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस अपने-अपने पार्षदों की बाड़ाबंदी करने में जुट गई है। वहीं कांग्रेस भी लगातार अपने पार्षदों पर नजर रख रही है। दोनों ही दलों ने निर्दलीय पार्षदों पर भी निगरानी रखी हुई है।
गौरतलब है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों की निगाह अब सभापति की कुर्सी पर टिकी हुई है। दोनों ही दल इसके लिए रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं।
वहीं कांग्रेस के नेता भाजपा के नए जीते या रूठे पार्षदों से नजदीकियां बढ़ा रहे हैं। किसी को सभापति तो किसी को एमआईसी में सदस्य बनाने का ऑफर दे रहे हैं। इसलिए अब तीन दिन भाजपा के पार्षद दिल्ली में ही रहेंगे।
शहर की नई नगर सरकार जल्द ही आकार लेगी
5 अगस्त को नगर निगम के पहले सम्मेलन में सभापति का चुनाव होगा और इसके एक सप्ताह के अंदर यानि 12 अगस्त तक महापौर को मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) का गठन करना होगा। एमआईसी कम से कम पांच और अधिकतम दस सदस्यों की हो सकती है। खास बात यह है कि इस बार एमआईसी में अधिकांश चेहरे नए रहेंगे। निकाय चुनाव के इतिहास में 57 साल बाद कांग्रेस की महापौर बनी हैं। ऐसे में मंत्रिमंडल का गठन डॉ. शोभा सिकरवार ही करेंगी।
समर्थन देने वालों के लिए रहेगा ऑफर
महापौर का चुनाव जीतने से उत्साहित कांग्रेस के नेता अब परिषद पर भी अपना कब्जा करने की तैयारी में हैं। ऐसे में वे सभापति के चुनाव में भी पूरी दम से दावेदारी करेंगे। सभापति के लिए पार्टी पुराने पार्षद विनोद यादव, अवधेश कौरव या उपासना यादव पर दांव लगा सकती है। इसके साथ ही समर्थन देने वाले निर्दलीय या भाजपा के किसी पार्षद पर भी दांव खेल सकते हैं। अब कौन किस करवट बैठेगा, यह तो 5 अगस्त को ही पता चलेगा।
संपादक
Rajesh Jaiswal
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