कांग्रेस का 57 साल का वनवास खत्म मैं शपथ लेती हूं... कांग्रेस की शोभा के यह कहते ही ग्वालियर में नई मेयर की बनी

Aug 01 2022

ग्वालियर। नगरीय निकाय चुनाव के बाद नवनिर्वाचित महापौर सहित 66 पार्षद यानी नई नगर सरकार ने सोमवार को जीवाजी विश्वविद्यालय के अटल सभागार में शपथ ग्रहण की। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने सभी को शपथ दिलाई। कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूली छात्राओं ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद कलेक्टर ने शपथ का वाचन किया, जिसको मेयर शोभा सिकरवार ने दोहराया। मेयर का शपथ ग्रहण होने के बाद 65 वार्डों के पार्षदों ने शपथ ली। इस दौरान वार्ड 64 के पार्षद नहीं पहुंचे थे। जिनका इंतजार भी किया गया, लेकिन जब वह काफी देर तक नहीं पहुंचे तो उनको फोन लगाकर बुलाया गया।
ग्वालियर की नवनिर्वाचित महापौर डॉ. शोभा सिकरवार ने जैसे ही कहा कि मैं, शपथ लेती हूं ...कांग्रेस की डॉ. शोभा सिकरवार के ग्वालियर महापौर पद के लिए यह कहते ही उन्होंने कांग्रेस का 57 साल का वनवास खत्म हो गया। 57 साल से ग्वालियर में मेयर पद पर भाजपा का राज था। पर अब मेयर के रूप में ग्वालियर को सालों बाद कांग्रेस का चेहरा मिला है। इस दौरान वहां सदन के नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह, अशोक सिंह सहित अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। इस दौरान शोभा ने कहा कि वह वचन देती हैं कि ग्वालियर के विकास के लिए हर संभव प्रयास करुंगी। उनके इस ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह के साक्षी कई पूर्व मंत्री, विधायक व पूर्व विधायक बने हैं।
ग्वालियर के लोगों ने जो सोचकर कांग्रेस की डॉ. शोभा सिकरवार को महापौर के लिए बहुमत दिया था वो ऐतहासिक पल सोमवार को पूरा हुआ। सोमवार को महापौर और 66 वार्ड से जीते भाजपा-कांग्रेस के नवनिर्वाचित पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह हुआ है। नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 17 ख के अनुसार महापौर व प्रत्येक पार्षद को निगम के पहले सम्मेलन में सभापति के चुनाव में भाग लेने या अपना पद ग्रहण करने के पहले कलेक्टर के समक्ष निर्धारित प्रारूप में शपथ या प्रतिज्ञान पर हस्ताक्षर करना अनिवार्य है। इससे स्पष्ट है कि सम्मेलन से पहले नवनिर्वाचित सदस्यों का शपथ पर हस्ताक्षर करना जरूरी था। इसलिए ग्वालियर के जीवाजी यूनिवर्सिटी अटल बिहारी सभागार में शपथ ग्रहण समारोह में यह एतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह हुआ है।
ग्वालियर में 57 साल से लगातार भाजपा के महापौर बन रहे थे, लेकिन अब जाकर कांग्रेस ने भाजपा की किलेबंदी को ध्वस्त किया है। सोमवार हुए शपथ ग्रहण को कांग्रेस ऐतिहासिक मनाया। पहले कांग्रेस के पीसीसी चीफ कमल नाथ व पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के शपथ ग्रहण समारोह में आने की खबर थी, लेकिन फिर उनका आना कैंसल हो गया। लेकिन नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह सहित कांग्रेस के पूर्व मंत्री व विधायक व पूर्व विधायक शपथ ग्रहण में शामिल हुए।
11-11 के ग्रुप में पार्षदों ने ली शपथ
शपथ ग्रहण समारोह में सभी 66 वार्ड के पार्षदों ने 11-11 पार्षदों के समूह में शपथ ली। जिसके बाद 5 अगस्त को परिषद का पहला सम्मेलन होगा। जो पार्षद शपथ ले चुके होंगे वही वोट डाल पाएंगे। इसलिए शपथ ग्रहण समारोह में सभी 66 वार्ड के पार्षद शामिल हुए हैं।
प्रशासन की व्यवस्था फेल, अव्यवस्था के बीच मेयर और पार्षदों ने ली शपथ
इस दौरान सभागार के अंदर एवं बाहर काफी अव्यवस्थाएं देखने को मिली। प्रशासन के तमाम इंतजाम फेल हो गए। कार्यक्रम के लिए तैयार किए गए मंच पर मेयर और पार्षदों के बैठने के लिए कुर्सियां लगाई गई थीं, लेकिन सभी पार्षदों के समर्थक भी उनके साथ मंच पर फोटो खिंचवाने के लिए पहुंच गए। जिससे मंच पर काफी भीड़ हो गई। इस दौरान अधिकारी भी एक कोने में खड़े होकर तमाशा देखते रहे। सबसे पहले शोभा सिकरवार ने महापौर पद की शपथ ली। इसके बाद 11-11 के समूह में पार्षदों ने शपथ ग्रहण की। इस अवसर पर मंत्री, विधायकों के साथ ही पूर्व महापौर एवं सभापति भी मौजूद थे। परिषद का पहला सम्मेलन पांच अगस्त को आयोजित किया जाएगा, जिसमें सभापति का चुनाव किया जाएगा।
जेयू में अटल सभागार में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने वालों की संख्या काफी ज्यादा थी। ऐसे में बाहर काफी भीड़ हो गई। ऐसे में परिसर में खड़े वाहनों के कारण लोगों के लिए वाहन निकालना भी मुश्किल हो रहा था। सभागार में जाने के लिए लोगों को धक्का मुक्की करना पड़ रही थी।
मेयर की एमआईसी में इनको मिल सकती है जगह
कांग्रेस की मेयर की मेयर इन काउंसिल में कांग्रेस के वरिष्ठ पार्षदों को जगह मिलेगी। कांग्रेस के 26 में से 24 पार्षद पहली बार चुनाव जीते हैं। सिर्फ दो पार्षद विनोद यादव उर्फ माटू व उपासना सिंह ही दूसरी बार जीतकर आए हैं। इनका एमआईसी में आना लगभग तय है। इसके अलावा कांग्रेस के पार्षद अवधेश कौरव मेयर पति विधायक सतीश के करीबी हैं। इसके अलावा वार्ड-19 से भाजपा के बागी बलवीर तोमर इस बार कांग्रेस से जीते हैं उनका भी नाम देखने को मिल सकता है। इसके साथ-साथ 6 निर्दलीयों में से 4 या 5 एमआईसी में जगह ले सकते हैं।