जुलाई सूखा निकला बाद अब अगस्त से आस

Jul 31 2022

ग्वालियर। जून के बाद अब जुलाई में भी बादलों ने निराश किया है। जुलाई में इस बार भी औसत वर्षा नहीं हो सकी है। बंगाल की खाड़ी का कोई प्रभावी सिस्टम नहीं आया है, जिस कारण ऐसा हुआ है। पिछले दस साल के जुलाई की वर्षा के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो, जिस वर्ष जुलाई में औसत वर्षा हुई है, उसके अगले साल में जुलाई में औसत से कम वर्षा हुई है। अब शहर को अगस्त से आस है।
मानसून की अच्छी वर्षा अगस्त के 25 दिनों में होती है। 25 अगस्त के बाद शहर में अच्छी वर्षा की आस खत्म हो जाती है। मौसम विभाग के अनुसार अगस्त के पहले सप्ताह में बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है। इसके असर से पहले सप्ताह में वर्षा हो सकती है। 
ग्वालियर में मानसून सीजन 1 जून से 30 सितंबर के बीच रहता है। सीजन के चार माह में से जुलाई व अगस्त में औसत वर्षा होती है। सितंबर में वर्षा कमजोर हो जाती है। लौटते हुए मानसून से बौछारें पड़ती हैं। यदि जुलाई में औसत वर्षा नहीं होती है तो सीजन में औसत वर्षा नहीं हो पाती है। पिछले साल जुलाई के अंतिम दस दिनों में औसत वर्षा हो गई थी, लेकिन इस बार पूरे माह में औसत वर्षा नहीं हुई है।